मदर्स डे पर मां-बेटी ने घुंघरुओं की थाप पर दिखाया अटूट बंधन
- शिखा और सिद्दीका ने कत्थक से दिल जीता
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। मां का निस्वार्थ प्रेम और अटूट रिश्ते का जश्न रविवार को मदर्स डे के मौके पर लक्ष्मी देवी ललित कला अकादमी ने सांस्कृतिक शाम की सबसे खास बात रही मां-बेटी की एक ऐसी जुगलबंदी, जिसने मंच पर उतरते ही दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।मदर्स डे के कार्यक्रम में शिखा और उनकी बेटी सिद्दीका ने कत्थक समूह नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। जैसे ही मंच पर घुंघरुओं की गूंज शुरू हुई, मां और बेटी के बीच का तालमेल साफ नजर आने लगा। शिखा के सधे हुए कदमों और सिद्दीका की मासूमियत भरी ऊर्जा ने कत्थक के व्याकरण को एक नए रूप में पेश किया। यह केवल एक नृत्य प्रदर्शन नहीं था, बल्कि मंच पर एक मां द्वारा अपनी विरासत अपनी बेटी को सौंपने जैसा खूबसूरत दृश्य था।
शिखा और सिद्दीका ने अपनी भंगिमाओं और पदचाप से वह सब कह दिया जो अनकहा था। हॉल में मौजूद दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस प्रस्तुति का स्वागत किया। कई लोग इस भावुक प्रदर्शन को देखकर अपनी आंखों की नमी नहीं रोक पाए। सिद्दीका के नृत्य ने यह दर्शाया कि एक बेटी के लिए उसकी पहली गुरु और आदर्श उसकी मां ही होती है। मदर्स-डे पर इससे बेहतर तोहफा कुछ और नहीं हो सकता। कला के माध्यम से रिश्तों की पवित्रता को दर्शाया गया। शिखा और सिद्दीका की इस जोड़ी ने यह साबित कर दिया कि जब हुनर और ममता एक साथ मंच पर उतरते हैं, तो वह यादगार बन जाते हैं। यह शाम पूरी तरह से मांओं के नाम रही, जहाँ हर धुन और हर थिरकन में सिर्फ और सिर्फ प्यार नजर आया।