पुलिस कमिश्नर कार्यालय में हाईवोल्टेज ड्रामा, पति की रिहाई की मांग को लेकर टॉवर पर चढ़ी किशोरी
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। पुलिस कमिश्नर कार्यालय परिसर में मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक किशोरी करीब 50 फीट ऊंचे वायरलेस कम्युनिकेशन टॉवर पर चढ़ गई। टॉवर पर पहुंचते ही वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी— “मेरे पति को छोड़ दो, नहीं तो कूदकर जान दे दूंगी।” घटना से परिसर में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जुट गई।
सूचना मिलते ही एडिशनल पुलिस कमिश्नर विपिन टाडा, डीसीपी हेडक्वार्टर दिनेश चंद्र त्रिपाठी और स्टाफ ऑफिसर अमरनाथ यादव समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने काफी देर तक किशोरी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ी रही। स्टाफ ऑफिसर अमरनाथ यादव ने उसे समझाते हुए कहा, “नीचे उतर आओ, तभी बात हो सकेगी। तुम्हें जज साहब के पास ले चलेंगे।” इस पर किशोरी ने साफ कहा कि जब तक उसके पति को जेल से रिहा नहीं किया जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी। करीब एक घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस आरोपी युवक को कोर्ट से लेकर दोपहर करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंची। पति को देखते ही किशोरी टॉवर से नीचे उतर आई और उससे लिपटकर रोने लगी। इसके बाद पुलिस ने किशोरी को काउंसलिंग के लिए पुलिस लाइन भेज दिया, जबकि युवक को दोबारा जेल भेज दिया गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर विपिन टाडा के मुताबिक, 22 अक्टूबर 2025 को सचेंडी थाना क्षेत्र से किशोरी के लापता होने पर उसकी मां ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 26 अक्टूबर को पुलिस ने किशोरी को बरामद करते हुए बिठूर निवासी युवक को गिरफ्तार किया था। जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं और नवंबर 2025 में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक किशोरी को अपने साथ ले गया था और आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी। परिजनों की शिकायत पर उसके खिलाफ अपहरण समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद से वह जेल में है। किशोरी की मां ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष के लोग लगातार दबाव बना रहे थे। उनका कहना है कि कोर्ट में पेशी के दौरान लड़के के परिजनों ने धमकी देते हुए कहा था कि लड़के को छुड़वा लो। मां के अनुसार, उनकी बेटी अचानक वहां से भागकर टॉवर पर चढ़ गई। उन्होंने बताया कि परिवार बेहद गरीब है। पति बीमार हैं और मजदूरी करते हैं, जबकि वह स्वयं दिव्यांग हैं। परिवार ने प्रशासन से न्याय की मांग की है। घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए किशोरी को सुरक्षित नीचे उतारा। अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।