सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर नहीं उठा कूड़ा
- जोन कार्यालयों में 65 गाड़ियां खड़ी, 6000 सफाई कर्मियों की हड़ताल
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। शहर की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में दिए जाने के विरोध में गुरुवार को सफाई कर्मचारियों ने शहर में सफाई का काम रोक दिया है। अपर नगर आयुक्त मो. आवेश और नगर स्वास्थ्य अधिकारी अमित सिंह से वार्ता विफल होने के बाद सफाई कर्मियों ने अनिश्चित कालीन हड़ताल का फैसला करते हुए शुक्रवार सुबह से सफाई कर्मियों ने जोन कार्यालय पर ताले जड़ दिये।
सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहर में 1350 मीट्रिक टन कूड़ा सड़कों पर पड़ा रहा। कूड़ा उठाने वाले 65 वाहन खड़े रहे। पूरे शहर में 65 वाहनों से 1200 मीट्रिक कूड़ा उठाया जाता है। सफाई कर्मियों की ये हड़ताल कब खत्म होगी, इस बात की अफसरों को जानकारी नहीं है। नगर निगम मुख्यालय में करीब 1000 सफाई कर्मियों ने प्रदर्शन किया। 6000 के लगभग सफाई कर्मियों ने आज कोई काम नहीं किया है। आज सुबह से ही कर्मचारी नगर निगम परिसर में जुटने लगे और देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में सफाई कर्मचारी इकट्ठा हो गए। इस दौरान न तो कूड़ा उठा और न ही सफाई का काम हुआ। कर्मचारियों ने एक सुर में कहा कि यदि अधिकारियों ने निजी कंपनी के टेंडर को निरस्त नहीं किया तब तक ये हड़ताल चलती रहेगी। प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री अजीत बाघमार ने कहा कि नगर निगम प्रशासन सफाई कर्मचारियों को निजी कंपनियों के हाथों बेचने का काम कर रहा है। मुख्यालय में दो दिनों से प्रदर्शन चल रहा है। नगर निगम ने साउथ की एक कंपनी को टेंडर दिया है। ये कंपनी कूड़ा उठाने के बाद निस्तारण करेगी। उसके बाद हम लोगों की तनख्वाह आएगी। कई बार नगर आयुक्त से मिलने के लिए समय मांगा गया, लेकिन अब तक समय नहीं दिया गया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही टेंडर निरस्त नहीं किया गया तो सफाई कर्मचारी कार्यबंदी की घोषणा करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। इस मौके पर रमाकांत मिश्रा, विनोद रावत, हरिओम बाल्मीकि और चमन खन्ना आदि मौजूद रहे।