परिषदीय विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षा को नई ताकत देगा बढ़ा मानदेय: राकेश सचान
*अनुदेशकों को बड़ा तोहफा, मानदेय 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार प्रतिमाह
*01 अप्रैल 2026 से लागू होगी बढ़ी हुई राशि, कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी मिलेगी
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर नगर।परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों के मानदेय में लगभग दोगुनी वृद्धि करते हुए प्रदेश सरकार ने इसे 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित अनुदेशक सम्मान समारोह में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि यह निर्णय बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे अनुदेशकों के योगदान का सम्मान है। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ मानदेय 01 अप्रैल 2026 से लागू होगा तथा अनुदेशकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा से भी आच्छादित किया जाएगा।
कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकासखंडों एवं नगर क्षेत्र के चयनित अनुदेशकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में भीतरगांव के अंकुर अशोक, बिधनू की अंजलि कौशल, बिल्हौर के प्रशांत मिश्रा, चौबेपुर के अनुभव मौर्य, घाटमपुर की विभा सचान, ककवन के अमित कुमार सिंह, पतारा के बेंसू सचान, सरसौल के विराग यादव, शिवराजपुर के आशीष कुमार तथा नगर क्षेत्र के आशीष मिश्रा शामिल रहे।
कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशक खेलकूद, योग, संगीत, कला एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में अनुदेशकों का मानदेय 7 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया गया था, जबकि अब राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने अनुदेशकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा से आच्छादित करने का भी निर्णय लिया है।
विधायक सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप परिषदीय विद्यालयों में तेजी से सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, टैबलेट वितरण, डिजिटल लर्निंग और ऑपरेशन कायाकल्प जैसे प्रयासों ने सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदलने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अनुदेशक विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने तथा गतिविधि आधारित शिक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सीडीओ अभिनव जे जैन ने कहा कि वर्तमान में जनपद कानपुर नगर के परिषदीय विद्यालयों में 122 अनुदेशक कार्यरत हैं। उन्होंने सभी अनुदेशकों को बधाई देते हुए शासन की मंशानुरूप पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों की भी जानकारी साझा की गई। बताया गया कि प्रदेश में ड्रॉपआउट दर में उल्लेखनीय कमी आई है तथा ट्रांजिशन दर में सुधार हुआ है। जनपद कानपुर नगर में 272 विद्यालयों को स्मार्ट क्लास और 49 विद्यालयों को आईसीटी लैब से आच्छादित किया जा चुका है। शिक्षकों एवं अनुदेशकों को 3502 टैबलेट वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय तथा ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। कार्यक्रम का संचालन राजेश कुमार ने किया।
कार्यक्रम में परियोजना निदेशक डीआरडीए आलोक कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में अनुदेशक उपस्थित रहे।