लू से बचाव हेतु जारी दिशा निर्देशों का पालन करने का अनुरोध |
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर। जनपद में लगातार बढ़ते तापमान एवं भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आमजन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हमीरपुर द्वारा जारी जनहित एडवाइजरी में बताया गया है कि आगामी दिनों में लू (Heat Wave) एवं गर्म हवाओं का प्रभाव बढ़ने की संभावना है, जिससे जनस्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से लू से बचाव हेतु जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है।
अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) राकेश कुमार ने बताया कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के मध्य अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करते रहें। उन्होंने कहा कि हल्के रंग के ढीले एवं सूती वस्त्र पहनें तथा सिर को टोपी, गमछा, छाता आदि से ढककर रखें। यात्रा के दौरान अपने साथ पर्याप्त पेयजल अवश्य रखें तथा शरीर में पानी की कमी न होने दें।
उन्होंने बताया कि बाहरी कार्य करने वाले व्यक्ति समय-समय पर विश्राम करें तथा सिर एवं चेहरे को ढककर रखें। अस्वस्थता, चक्कर, उल्टी, तेज बुखार अथवा कमजोरी महसूस होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से संपर्क करें। साथ ही घर में बने पेय पदार्थ जैसे छाछ, लस्सी, नींबू पानी, नमक-चीनी का घोल एवं आम का पना आदि का सेवन करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन द्वारा पशुपालकों से भी अपील की गई है कि पशुओं को छायादार स्थान पर रखें एवं उन्हें पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराएं। घरों को ठंडा बनाए रखने हेतु खिड़कियों पर पर्दे लगाने तथा रात्रि में वेंटिलेशन बनाए रखने की सलाह दी गई है।
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि बच्चों एवं पालतू जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें तथा अत्यधिक गर्मी के समय घर के अंदर ही रहने का प्रयास करें। अत्यधिक प्रोटीनयुक्त एवं बासी भोजन से बचें तथा संतुलित एवं सुपाच्य भोजन ग्रहण करें। कैफीनयुक्त एवं मादक पदार्थों के सेवन से बचने की भी सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर निरंतर ध्यान देने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने की अपील की है। प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों को व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जनहानि की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।