राज्य सभा सांसद ने किया अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान एवं मानदेय वितरण का शुभारंभ |
- जब शिक्षकों की कमी थी,तब अंशकालिक अनुदेशकों ने विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान की |
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर। डॉ. ए०पी०जे० अब्दुल कलाम सभागार, कलेक्ट्रेट परिसर हमीरपुर में अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान समारोह एवं मानदेय वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में सदर विधायक डॉ. मनोज प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप निषाद, राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि अशोक तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने अंशकालिक अनुदेशकों के शिक्षा क्षेत्र में दिए जा रहे योगदान की सराहना करते हुए उन्हें समाज निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में जब शिक्षकों की कमी थी, तब अंशकालिक अनुदेशकों ने विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान की। उन्होंने कहा कि अनुदेशकों के प्रयासों से बच्चों के व्यक्तित्व एवं ज्ञान का निरंतर विकास हो रहा है। उन्होंने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों का निर्माण करना भी है।
सदर विधायक डॉ. मनोज प्रजापति ने सरकार द्वारा अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि को उनकी सेवाओं के प्रति सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि अनुदेशक बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं तथा विद्यालयों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि अंशकालिक अनुदेशकों की सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि अनुदेशकों ने वर्षों तक बच्चों को शिक्षित करने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, संस्कार एवं आत्मविश्वास विकसित करने का कार्य किया है। नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप निषाद ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग में अंशकालिक अनुदेशकों ने शिक्षकों की कमी को पूरा करते हुए बच्चों के शैक्षिक एवं शारीरिक विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके बेहतर कौशल एवं समर्पण से विद्यालयों की शैक्षिक गतिविधियों को नई दिशा मिली है। कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद, सदर विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अंशकालिक अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय की डीबीटी धनराशि के प्रतीक स्वरूप ₹17,000 के चेक वितरित किए गए। इस अवसर पर अनुदेशकों ने सरकार द्वारा मानदेय वृद्धि किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आभार जताया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं अनुदेशकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि अंशकालिक अनुदेशकों ने वर्षों से विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मानदेय वृद्धि से अनुदेशकों का मनोबल और अधिक बढ़ेगा तथा वे और अधिक उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। कार्यक्रम में लगभग 300 से अधिक अंशकालिक अनुदेशकों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारीगण, जिला समन्वयक, अनुदेशक संघ के पदाधिकारी एवं शिक्षा विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन जी०के० द्विवेदी एवं मंजीता अहिरवार द्वारा किया गया।