सराफा कारोबारियों ने देश की अर्थव्यवस्था के लिए सोने आयात को कम करने की अपील
- डीएम और राज्य कर विभाग के अधिकारियों की बैठक में सराफा कारोबारियों ने लिया हिस्सा
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। शहर के सराफा कारोबारियों ने अब ठोस सोना यानी बुलियन की बिक्री बंद कर केवल ज्वेलरी बेचने का फैसला लिया है। यह निर्णय जिलाधिकारी और राज्य कर विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में लिया गया। बैठक में सराफा कारोबारियों से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सोने के आयात को कम करने में सहयोग की अपील की।
बैठक को डीएम और राज्य कर विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित हुई। इसमें सराफा एसोसिएशन और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने कारोबारियों से बुलियन की खरीद और बिक्री फिलहाल रोकने को कहा, जिस पर व्यापारियों ने सहमति जताई। कारोबारियों ने आश्वासन दिया कि अब वे ठोस सोना नहीं, बल्कि केवल ज्वेलरी की बिक्री करेंगे।बैठक में व्यापारियों ने कई सुझाव भी दिए। सराफा कारोबारियों ने कहा कि पुराने जेवर बेचने पर लगने वाले कैपिटल गेन टैक्स में राहत दी जानी चाहिए, ताकि घरेलू सोना बाजार में वापस आ सके और आयात पर निर्भरता कम हो। इसके अलावा पुराने सोने से नई ज्वेलरी बनवाने पर केवल अंतर राशि पर जीएसटी लगाने की मांग भी रखी गई। व्यापारियों ने यह भी सुझाव दिया कि बुलियन के एचएसएन कोड को एक वर्ष के लिए बी2सी सप्लाई से अलग रखा जाए। साथ ही कॉर्पोरेट ज्वेलर्स से भी बुलियन बिक्री नहीं करने का आश्वासन लेने की बात कही गई। बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि एमएसएमई के तहत व्यापार करने वाले ज्वेलर्स से प्रमाण पत्र लिया जाए कि वे खरीदे गए सोने को बुलियन के रूप में आगे नहीं बेचेंगे। बैठक में उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश चंद्र जैन, ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा, कानपुर सराफा कमेटी के अध्यक्ष राजीव भाटिया सहित कई व्यापारी और राज्य कर विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।