समय समय पर थायरॉयड की जाॅच है जरूरी डॉ. अनुराग बाजपेयी
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | थायरॉयड एक छोटी सी ग्रंथि होती है, पर शरीर में इसकी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गले में सामने की ओर स्थित यह ग्रंथि मेटाबोलिज़्म, हृदय की गति और खून के फ्लो को नियंत्रित करने में मदद करती है। डॉ. किनेरा पुत्रेवु, मेडिकल अफेयर्स हेड, एबॉट इंडिया ने कहा, ‘‘हाईपोथायरॉयडिज़्म का इलाज संभव है। इसलिए ब्लड प्रेशर बढ़ने पर इस पर भी गौर करना चाहिए। अगर हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को अन्य लक्षण, जैसे वजन में वृद्धि, लगातार थकान, रूखी स्किन, बालों का पतला होना, कब्ज या बहुत ज्यादा ठंड महसूस हो, तो उन्हें अपने डॉक्टर से संपर्क करके थायरॉयड की जाँच कराना चाहिए।’’डॉ. अनुराग बाजपेयी, एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, रीजेंसी हॉस्पिटल, कानपुर ने कहा, ‘‘हाईपोथायरॉयडिज़्म कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को कई तरह से प्रभावित करता है। यह हृदय की गति को धीमा कर सकता है तथा ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है। हाईपोथायरॉयडिज़्म का इलाज न केवल हार्मोन को संतुलित करता है, बल्कि ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाकर हृदय के स्वास्थ्य में सुधार भी लाता है।’’अगर हाई ब्लड प्रेशर के साथ हाईपोथायरॉयडिज़्म भी है, तो हृदय को और अधिक खतरा होता है। थायरॉयड हार्मोन कम होने से हृदय की गति कम हो जाती है, रक्तनलियां कठोर हो जाती हैं और खून का सामान्य फ्लो प्रभावित होता है, जिससे शरीर के लिए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना और अधिक मुश्किल हो जाता है। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर होता है, उन्हें थायरॉयड की समस्या होने की संभावना सामान्य ब्लड प्रेशर वाले लोगों की तुलना में तीन गुना अधिक होती है। उम्र बढ़ने के साथ थायरॉयड और ब्लड प्रेशर का संबंध भी बढ़ता चला जाता है। हाईपोथायरॉयडिज़्म वाले लोगों को हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना अधिक होती है और उनके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना और अधिक मुश्किल हो जाता है। थायरॉयड हार्मोन हृदय और रक्तनलियों को सीधा प्रभावित करते हैं। जब हार्मोन कम हो जाते हैं, तो हृदय की गति कम हो जाती है और रक्तनलियों की कठोरता बढ़ जाती है। ऐसा होने पर ब्लड प्रेशर और अधिक बढ़ सकता है।हाईपोथायरॉयडिज़्म और हाई ब्लड प्रेशर एक साथ होने पर इन्हें नियंत्रित करना बहुत मुश्किल हो जाता है। इनके प्रभावशाली नियंत्रण के लिए जागरुकता, नियमित स्वास्थ्य जाँच और तालमेलपूर्ण केयर को बढ़ावा दिया जाना जरूरी है। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए थायरॉयड के स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, तभी हृदय की रक्षा करके लंबे समय तक एक स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
|