आईटीबीपी जवान तीन दिन तक मां का कटा हाथ लेकर भटकता रहा, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। शहर से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भारत-तिब्बत सीमा पुलिस का एक जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ बॉक्स में लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी और फरियादी भी हैरान रह गए। जवान ने एक निजी अस्पताल पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार फतेहपुर जिले के खागा हाथगाम निवासी विकास सिंह वर्तमान में महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन में तैनात हैं। विकास का आरोप है कि उनकी मां को सांस लेने में दिक्कत होने पर 13 मई को कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां हाथ में वीगो लगाने के बाद उनकी मां की हालत बिगड़ने लगी और हाथ में सूजन व संक्रमण फैल गया। बाद में महिला को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि हाथ में गैंग्रीन हो चुका है और जान बचाने के लिए हाथ काटना जरूरी है। इसके बाद 17 मई को महिला का दाहिना हाथ काट दिया गया। पीड़ित जवान का आरोप है कि वह तीन दिनों तक अपनी मां का कटा हाथ लेकर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुनवाई न होने से परेशान होकर वह मंगलवार को सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने तीन सदस्यीय डॉक्टरों की कमेटी गठित कर दी है, जो पूरे मामले की जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।