जलकल कार्यालय के बाहर दो वर्ष बाद शुरू हुआ यूरिनल निर्माण
- व्यापारियों और क्षेत्रीय जनता में खुशी की लहर
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। गोविन्द नगर स्थित नंदलाल चौराहे पर जलकल जोन-5 कार्यालय के बाहर लगभग दो वर्षों से लंबित सार्वजनिक पुरुष एवं महिला यूरिनल का निर्माण कार्य शनिवार से प्रारंभ हो गया। निर्माण कार्य शुरू होते ही क्षेत्रीय व्यापारियों, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई। लंबे समय से इस मूलभूत जनसुविधा की मांग कर रहे लोगों ने इसे जनसंघर्ष की बड़ी सफलता बताया है।
ज्ञात हो कि जलकल जोन-5 कार्यालय के बाहर पूर्व में निर्मित सार्वजनिक पुरुष एवं महिला यूरिनल लगभग दो वर्ष पूर्व कथित नाला निर्माण के नाम पर ध्वस्त कर दिए गए थे। हैरत की बात यह रही कि न तो वहां कोई नाला बना और न ही यूरिनल का पुनर्निर्माण कराया गया। इसके चलते स्थानीय व्यापारियों, राहगीरों तथा विशेष रूप से महिलाओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री पोर्टल (आईजीआरएस), "संभव" पोर्टल तथा नगर विकास विभाग में कई शिकायतें दर्ज कराई गईं। मामला नगर विकास मंत्री ए. के. शर्मा तक पहुंचा, जिन्होंने शिकायत को नगर आयुक्त, कानपुर को आवश्यक कार्रवाई हेतु अग्रसारित किया था। इसके बाद भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे क्षेत्रीय लोगों में रोष व्याप्त था। शिकायतों के बाद शनिवार को नगर निगम ने जलकल कार्यालय के बाहर सार्वजनिक यूरिनल का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। निर्माण कार्य शुरू होने पर क्षेत्रीय व्यापारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह जनता की एकजुटता और निरंतर संघर्ष की जीत है। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं गोविन्द नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रकाश वीर आर्य ने कहा कि पिछले दो वर्षों से क्षेत्रीय जनता इस समस्या से जूझ रही थी। अनेक शिकायतों, पत्राचार और जनहित में उठाए गए प्रयासों के बाद आखिरकार नगर निगम को निर्माण कार्य शुरू करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक यूरिनल का निर्माण नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दे पर जनता की जीत और प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने का उदाहरण है।उन्होंने नगर विकास मंत्री श्री ए. के. शर्मा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा उन सभी नागरिकों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस जनहित के मुद्दे को लगातार उठाया। साथ ही उन्होंने मांग की कि निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कर जनता को समर्पित किया जाए ताकि व्यापारियों, महिलाओं और राहगीरों को स्थायी राहत मिल सके।