पीपल और अमलतास से सजेंगी सड़कें, सात विशेष वन भी होंगे विकसित
*52 गोआश्रय स्थलों में बनेंगी गोकुल वाटिकाएं, हर ब्लॉक में तैयार होगा मियावाकी फॉरेस्ट
*बिल्हौर में विकसित होगा 17,500 पौधों का ऊर्जा वन, कारगिल पार्क में बनेगा सामाजिक समरसता वन
*35.84 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य, 27 नर्सरियों में तैयार हैं 52 लाख पौधे
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर।आने वाले वर्षों में कानपुर की कई प्रमुख सड़कें पीपल और अमलतास की हरियाली से आच्छादित दिखाई देंगी। शहर में सात विशेष थीम आधारित वन विकसित किए जाएंगे, 52 गोआश्रय स्थलों पर गोकुल वाटिकाएं बनाई जाएंगी और प्रत्येक विकासखंड में मियावाकी फॉरेस्ट तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही जनपद में इस वर्ष 35 लाख 84 हजार 556 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक आयोजित हुई।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल लक्ष्य पूरा करने का कार्यक्रम नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने का माध्यम है।
बैठक में जिलाधिकारी ने 52 ऐसे गोआश्रय स्थलों पर गोकुल वाटिकाएं विकसित करने के निर्देश दिए, जिनका अन्य निकटवर्ती गोआश्रय स्थलों में विलय हो चुका है और जहां ग्राम समाज की भूमि वर्तमान में रिक्त पड़ी है। इन स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली की नई पहचान बनाने के लिए दो प्रमुख मार्गों को विशेष रूप से विकसित किया जाएगा। रमईपुर-साढ़-जहानाबाद मार्ग के दोनों ओर पीपल के पौधे लगाए जाएंगे, जबकि गंगा बैराज से मंधना मार्ग तक अमलतास के पौधों का रोपण किया जाएगा। अमलतास के पीले फूलों और पीपल की घनी छाया से ये मार्ग आने वाले समय में अलग पहचान बनाएंगे।
इस वर्ष जनपद में सात विशेष थीम आधारित वनों की स्थापना भी की जाएगी। वार मेमोरियल डीजीक्यूए कॉलोनी कैंटोनमेंट बोर्ड में 111 पौधों के साथ वंदे मातरम वाटिका बनाई जाएगी। बिल्हौर तहसील के हाजीपुर गांव में 17,500 पौधों का ऊर्जा वन विकसित होगा, जिसमें ईंधन के रूप में उपयोगी वृक्ष लगाए जाएंगे। सुधांशु जी महाराज आश्रम में महर्षि चरक वन, कारगिल पार्क में सामाजिक समरसता वन, संजय वन चेतना केंद्र में समृद्धि वन और ऑक्सी वन तथा एलन वन में फलदार वाटिका विकसित की जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक विकासखंड में मियावाकी फॉरेस्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत व्यापक पौधारोपण कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागों को निर्धारित मानकों के अनुसार गड्ढों की खुदाई समय से पूरी करने और पौधारोपण स्थलों को तैयार रखने को कहा। वृहद वृक्षारोपण अभियान मानसून के आगमन के साथ जुलाई के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित है। सभी विभागों को 15 जून से नर्सरियों से पौधों का उठान शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभारी प्रभागीय वनाधिकारी विकास नायक ने बताया कि जनपद की 27 नर्सरियों में लगभग 52 लाख पौधे तैयार हैं। इनमें आम, महुआ, पीपल, पाकड़, बरगद, सहजन, सेमल, सिरस, शीशम, जामुन, कैथा, गूलर, बेल, बहेड़ा, अशोक, कदम, आंवला, अमरूद, अनार और इमली सहित अनेक प्रजातियों के पौधे शामिल हैं।
विभागवार लक्ष्य के अनुसार वन विभाग 8.55 लाख पौधों का रोपण करेगा, जबकि अन्य विभागों को 27.29 लाख पौधों का लक्ष्य दिया गया है। ग्राम्य विकास विभाग को 13.06 लाख, कृषि विभाग को 2.93 लाख, पर्यावरण विभाग को 2.41 लाख, नगर विकास विभाग को 2.16 लाख, पंचायती राज विभाग को 1.37 लाख तथा राजस्व विभाग को 96,700 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनुराग सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, उप प्रभागीय वनाधिकारी आशीष जैन, जिला कृषि अधिकारी अरुणेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।