जर्जर इमारत गिराने की स्थानीय लोगों ने प्रशासन से लगाई गुहार
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। लखनऊ अग्निकांड में 15 की मौत से पूरै प्रदेश में शोक की लहर है। शहर-शहर सर्वे छल रहे कि बेसमेंटों की जांच में प्रशासन के सभी विभाग तत्परता दिखाई रहे हैं। केडीए घटना के बाद सै सक्रिय हैं। कोचिंग मण्डी में सीलिंग की कार्रवाई जारी है। नगर निगम अभी तक कार्रवाई के नाम पर योजना में ही बना रहा है हालिया मामला मेस्टन रोड़ में जर्जर भवन संख्या 43/222 का प्रकाश में आया है।नगर निगम ने वर्ष 2018 में ही इमारत को खतरनाक घोषित करते हुए इसे गिराने का आदेश दिया था। उच्च अधिकारियों के आदेश के अनुपालन में म०नंC-43/222 मेस्टन रोड का स्थलीय निरीक्षण किया गया। भवन में वर्तमान में अध्यासी / किरायेदार निवास कर रहे हैं। भवन प्रथम एवं ग्राउण्ड फ्लोर में निर्मित है। भवन को सुरक्षित कराये जाने हेतु नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 331 (1) के अन्तर्गत भवन स्वामी एवं अध्यासी को नोटिस निर्गत की। अब वर्ष 2026 में, यह इमारत फिर से चर्चा में है। स्थानीय लोगों ने इसे अत्यंत जर्जर और गिरहर बताया है। स्थानीय निवासियों ने जिला मजिस्ट्रेट और नगर निगम से अपील की है कि वे जल्द से जल्द इस खतरनाक इमारत को सुरक्षित तरीके से गिरवाएं, ताकि जान-माल के किसी भी बड़े नुकसान को टाला जा सके।जानकारी के अनुसार, नगर निगम के अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया है और इसके गिराये जाने की स्थिति के रास्ते को सुरक्षित बनाने और इसे गिराने के लिए कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, इस इमारत को 'चेतावनी' बोर्ड लगाकर खतरनाक घोषित किया गया है, और प्रशासन द्वारा कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।
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