आरटीओ कार्यालय में नहीं है फायर सेफ्टी सिस्टम, बड़ी अनहोनी को आमंत्रण
- सारथी लाइसेंस भवन में वर्ष 2023 में लगे थे सिर्फ दो उपकरण, जो नाकाफी
- लखनऊ अग्निकांड के बाद जागे परिवहन आयुक्त, मण्डल से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। लखनऊ के एक संस्थान में हुए भयानक अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद परिवहन विभाग की नींद टूटी है। परिवहन विभाग के मुखिया, परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के सख्त निर्देश के बाद अब प्रदेश भर के परिवहन कार्यालयों में अग्नि सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। आदेश मिलते ही कानपुर के संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) प्रशासन, राकेंद्र कुमार सिंह ने तत्काल मण्डल के 6 जिलों के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर अग्निशमन यंत्रों की स्थिति की जानकारी तलब की है।- कानपुर आरटीओ सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्तिकानपुर संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) परिसर की जमीनी हकीकत बेहद चौंकाने वाली है। यहाँ न तो कोई आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम लगा है और न ही आपातकाल के लिए कोई फायर अलार्म। कई अधिकारी आए और गए, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किसी ने नहीं किए। कागजों में सुरक्षा वर्ष 2023 में सारथी लाइसेंस भवन में महज दो अग्निशमन उपकरण टांगे गए थे, जो इस विशाल परिसर और यहाँ आने वाली भीड़ के लिहाज से ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। अगर यहाँ कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किस पर होगी ?- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे समीक्षा बैठकअग्नि सुरक्षा के इस बेहद संवेदनशील मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं गंभीर हैं। वे 5 कालिदास मार्ग स्थित सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में सभी सरकारी विभागों से अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, उनके रख-रखाव और वर्किंग कंडीशन की विस्तृत रिपोर्ट तलब की जाएगी।- क्या कहता है नेशनल बिल्डिंग कोड (एनबीसी) का नियम एनबीसी के नियमानुसार, किसी भी सार्वजनिक या सरकारी कार्यालय में आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। आरटीओ कार्यालय में रोजाना सैकड़ों लोग अपने काम के लिए आते हैं, साथ ही यहाँ भारी मात्रा में गाड़ियों और लाइसेंस से जुड़े कागजी रिकॉर्ड (फाइलें) मौजूद रहते हैं। नियमों के मुताबिक, यहाँ निम्नलिखित व्यवस्थाएं होना अनिवार्य है जिसमें फायर एनओसी, अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र, फायर अलार्म व हाइड्रेंट पूरे परिसर में चालू हालत में अलार्म और पानी की बौछार वाले हाइड्रेंट सिस्टम, प्रशिक्षित स्टाफ आपात स्थिति में उपकरणों को चलाने के लिए कार्यालय के कर्मियों का प्रशिक्षित होना। वैधता लगे हुए सिलेंडरों की नियमित रीफिलिंग और उनकी एक्सपायरी डेट दुरुस्त होना।- उप परिवहन आयुक्तों से मांगा गया डेटापरिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने प्रदेश भर के सभी उप परिवहन आयुक्तों को निर्देश जारी कर उनके क्षेत्रों के अधीन संचालित सभी विभागीय परियोजनाओं की रिपोर्ट मांगी है। इनमें आईडीटीआर, डीटीटीआई, एटीएम, एडीटीसी शामिल हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन केंद्रों पर लगे फायर उपकरणों की वर्तमान स्थिति क्या है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत की जाए।