ग्रो सेफ फूड 2.0 अभियान के तहत सुरक्षित कीटनाशी प्रयोग पर कार्यशाला आयोजित
-संतुलित एवं सुरक्षित कीटनाशकों के उपयोग से गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित खाद्यान्न उत्पादन पर दिया गया बल
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर l मंगलवार को कृषि भवन सभागार, हमीरपुर में 'ग्रो सेफ फूड 2.0' अभियान के अंतर्गत कीटनाशियों के संतुलित एवं सुरक्षित प्रयोग विषयक कार्यशाला का आयोजन उप कृषि निदेशक डाॅ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में किया गया।
कार्यशाला में कृषि विभाग, उद्यान विभाग एवं इफको के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ एग्री जंक्शन वन स्टॉप शॉप संचालकों, निजी उर्वरक एवं कीटनाशी विक्रेताओं तथा प्रगतिशील कृषकों ने प्रतिभाग कर सुरक्षित कृषि पद्धतियों की जानकारी प्राप्त की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में उप कृषि निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि किसानों को रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुरूप एवं संतुलित मात्रा में करना चाहिए। सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण प्रयोग से जहां फसलों की गुणवत्ता बनी रहती है, वहीं पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य की भी प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कीटनाशकों के सुरक्षित प्रयोग, आवश्यक सावधानियों तथा समेकित कीट प्रबंधन (आईपीएम) की आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान सोलर लाइट ट्रैप, स्टिकी ट्रैप, ल्यूर सहित नीम ऑयल, ट्राइकोडर्मा हार्जेनियम तथा ब्यूवेरिया बैसियाना जैसे जैविक एवं पर्यावरण अनुकूल विकल्पों के उपयोग की उपयोगिता पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यशाला में जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरी शंकर, जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. इन्द्रेषु कुमार गौतम, अपर जिला कृषि अधिकारी रविपाल, उद्यान निरीक्षक पीयूष कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक (इफको) शशिकांत सहित प्रगतिशील कृषक बलराम दादी, विमल कुमार तथा कृषि आदान विक्रेता भूपेन्द्र सिंह (एग्री जंक्शन वन स्टॉप शॉप, राठ एवं सरीला),अजय कुमार (निषाद ट्रेडर्स, हमीरपुर), रियांशु (गौरीशंकर ट्रेडर्स, कुरारा), अब्दुल नजीज (न्यू कृषि बीज भंडार, सुमेरपुर) एवं मो. जाबिर (जाबिर बीज भंडार, राठ) ने ग्रो सेफ फूड 2.0 अभियान के उद्देश्यों एवं सुरक्षित कीटनाशी प्रयोग से संबंधित तकनीकी जानकारी साझा की।
कार्यशाला के अंत में किसानों एवं कृषि आदान विक्रेताओं से सुरक्षित, संतुलित एवं आवश्यकता आधारित कीटनाशी उपयोग अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षित खाद्यान्न उत्पादन में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया गया।