पूर्व यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने तीसरे दिन भी हाउस अरेस्ट
- बताया अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर l पेपर लीक और निर्दोष छात्रों पर दिल्ली पुलिस की बर्बरता व लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया गया था। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया था। जिसके विरोध में पूरे देश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया था। अपने नेता राहुल गांधी के समर्थन में कानपुर से कांग्रेस के कई नेता 21 जुलाई की रात दिल्ली जाने की योजना बना रहे थे। जिसमें कानपुर यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पंडित सूरज शर्मा को रावतपुर थाने की पुलिस ने 21 जुलाई की रात में ही उनके शारदा नगर आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया। सूरज शर्मा तबसे लगातार हाउस अरेस्ट चल रहे हैं। पुलिस उनको दिल्ली नहीं जाने दे रही है। लगातार तीसरे दिन हाउस अरेस्ट के चलते सूरज शर्मा के कई समर्थक उनके आवास पहुंचे। सूरज शर्मा ने लगातार तीन दिन से हाउस अरेस्ट को मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता का हनन बताया। उन्होंने कहा जहां एक ओर केंद्र सरकार तानाशाही कर निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज करवाकर संविधान और लोकतंत्र का गला घोंट रही है।छात्रों को शांतिपूर्ण ढंग से समर्थन देना और उनके लिए न्याय की बात करना क्या अपराध है। दिल्ली जाने से रोके जाने पर उन्होंने इसे अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक करार दिया और कहा कि यह स्थिति केवल मेरी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का प्रश्न नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना और विरोध दर्ज कराना हर नागरिक का अधिकार है। जब इस अधिकार पर इस प्रकार का पहरा लगाया जाता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बहुत ही चिंताजनक और खतरे की घंटी है। इस दौरान दौरान उन्होंने यह नारा भी कहा कि जब -जब जुल्मी जुल्म करेगा, सत्ता के गलियारों से। चप्पा- चप्पा गूंज उठेगा। इंकलाब के नारों से। समर्थकों में नीरज शर्मा, अमित कमल, सलीम, मोहम्मद सलमान आदि रहे।