नरौरा और हरिद्वार से छोड़ा घया 1,33,649 क्यूसेक पानी, एक मीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर
- कंटरी के कई गांवों पर गहराया संकट, जिला प्रशासन अलर्ट
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 108 सेंटीमीटर बढ़ गया । रविवार गंगा बैराज से जारी आंकड़ों के मुताबिक शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 110.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि शनिवार को 109.72 मीटर था। शुक्लागंज में गंगा का चेतावनी स्तर 113 मीटर है।एक दिन में एक मीटर से अधिक जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे बसे कटरी क्षेत्र के गांवों में चिंता बढ़ गई है। खेतों में फसलों पर पानी पहुंचने का खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर में इस तेजी की वजह हरिद्वार और नरौरा से गंगा में छोड़े गए अधिक पानी को माना जा रहा है। रविवार दर्ज आंकड़ों के अनुसार हरिद्वार से 66,230 क्यूसेक और 67,419 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया।वहीं, गंगा बैराज से 64,198 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इसके चलते गंगा में कुल 1,33,649 क्यूसेक पानी का आया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पहले से ही गंगा किनारे अलर्ट पर है। गंगा बैराज पर जल पुलिस की तैनाती कर दी गई है और नाव संचालन पर भी रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। बीते कई दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार घट रहा था, लेकिन शनिवार से रविवार के बीच आई अचानक बढ़ोतरी ने प्रशासन और नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अनुमान है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण आने वाले दिनों में गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है।बीते दिनों जिला प्रशासन ने गंगा के किनारों घाट और गंगा बैराज का निरीक्षण कर निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, वहां अनिवार्य रूप से चेतावनी संकेतक लगाए जाएं। साथ ही, संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार, संभावित बाढ़ या किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रखा गया है और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी किनारे अनावश्यक भीड़ न लगाएं और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।