संविदा कर्मचारियों को भी मध्य प्रदेश की भांति ही उत्तर प्रदेश में नियमित किया जाए –गौरव दीक्षित |
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ, केस्को कानपुर में संगठन पदाधिकारियों ने बैठक में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ऊर्जा निगमों में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित करने के ऐतिहासिक एवं सराहनीय निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय न केवल संविदा कर्मियों के वर्षों के परिश्रम का सम्मान है, बल्कि सामाजिक न्याय और कर्मचारी हितों की दिशा में एक अनुकरणीय कदम भी है। संगठन के प्रांतीय मंत्री गौरव दीक्षित ने कहा कि उत्तर प्रदेश के ऊर्जा निगमों में भी हजारों संविदा कर्मी वर्षों से अत्यंत कठिन परिस्थितियों में बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं, इसके साथ ही कार्यालय संबंधी कार्यों को भी तत्परता से कर रहे है। अत्यधिक अल्पवेतन पर कार्य करने वाले इन कर्मियों के बल पर ही प्रदेश की विद्युत व्यवस्था निरंतर संचालित हो रही है। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार को भी मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार की तरह मानवीय एवं कर्मचारी हितैषी निर्णय लेते हुए सभी संविदा कर्मियों को नियमित करने की घोषणा करनी चाहिए।संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया है कि वे उत्तर प्रदेश को भी इस दिशा में एक नई मिसाल बनाने का निर्णय लें, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे संविदा कर्मियों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित भविष्य मिल सके। संगठन ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री द्वारा इन कर्मचारियों के हितों की रक्षा हेतु बनाए गए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम में आज तक ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को शामिल नहीं किया गया है। ऊर्जा निगमों का प्रबंधन मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कार्रवाई करने के बजाय संविदा कर्मियों को आउटसोर्स निगम के दायरे से बाहर रखे हुए है तथा बड़े पैमाने पर उनकी छंटनी भी की जा रही है। इससे संविदा कर्मियों एवं उनके परिवारों के समक्ष गंभीर आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। संगठन के महामंत्री बी के अवस्थी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे ऊर्जा निगमों के प्रबंधन को स्पष्ट एवं प्रभावी निर्देश जारी करें कि—हटाए गए सभी संविदा कर्मियों को तत्काल कार्य पर वापस लिया जाए साथ ही मध्य प्रदेश की तर्ज पर ऊर्जा निगमों में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि संविदा कर्मियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाय तथा उनकी छंटनी का सिलसिला रोका जाय, अत्यंत कम वेतन पर वर्षों से विद्युत व्यवस्था संभाल रहे संविदा कर्मियों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरने के लिए विवश न होना पड़े ।
संगठन ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संविदा कर्मियों के हितों की रक्षा करते हुए मध्य प्रदेश की तरह ऐतिहासिक निर्णय लेकर उत्तर प्रदेश के हजारों बिजली के संविदा कर्मियों को न्याय दिलाएंगे। बैठक में बी के अवस्थी, गौरव दीक्षित, अरविंद मौर्य, संतोष श्रीवास्तव, विशाल सिंह, अंजली, शुभम, रंजना, निर्मल शर्मा, नरेश राजपूत, विश्वनाथ सिंह, सौरभ, रमाकांत, राघवेन्द्र, अनिल गुप्ता, मेराज आदि साथी उपस्थित रहे।