सत्संग मानव जीवन की धूरी, जो अशांत मानव को शांतवान है बनाता : साध्वी दुर्गा बाई
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | मानव उत्थान सेवा समिति श्री हंस मंदिर श्याम नगर के तत्वाधान में आयोजित सत्संग समारोह में श्री सतपाल जी महाराज की शिष्या साध्वी दुर्गा बाई जी बाई ने, एन .आर. आई. सिटी के शिव मंदिर के प्रांगण में अपने सत्संग विचारों में कहा कि सत्संग मानव जीवन की धुरी है, जो अशांत मानव को शांत व धैर्यवान बनाता हैl शास्त्रों में लिखा हुआ है और बताया भी गया है कि शांति मानव के हृदय में होती है बाहर नहीं शास्त्रों में इशारा दिया गया हैl आगे मुदिता बाई जी ने कहा कि इस संसार में जब-जब धर्म की हानि होती है, धर्म का बोल वाला बढ़ता है, तब _तब इस संसार में महान आत्माओं का आना होता हैl उनका एक ही काम है कि अंधकार को मिटाना और प्रकाश लाना l आध्यात्मिक चर्चा के साथ-साथ संस्था ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प को दोहराते हुए मंदिर प्रांगण में पौधा रोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया कार्यक्रम में मुख्य रूप से शैलेंद्र पाल, क्षमा गुप्ता, राधा गुप्ता, मीरा त्रिपाठी, विजय त्रिपाठी, रचना भांति, प्रभा शुक्ला, सीता, विजय शंकर, आदि लोगों का विशेष योगदान रहा।
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