फिजियोथेरेपी सेमिनार, सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम में 200 फिजियोथेरेपिस्टों हुए शामिल
- फिजियोथेरेपी से बेहतर हो सकता है जीवनः सतीश महाना-
सेमिनार के दौरान आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विशेषज्ञों ने अनुभव साझा किए
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथैरेपिस्ट्स, कानपुर सेंट्रल ब्रांच के तत्वावधान में जीटी रोड, कोकाकोला चौराहा स्थित द प्रेस्टीन होटल में फिजियोथेरेपी सेमिनार एवं सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभमुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आयोजन में वोल्टिवा कंपनी का विशेष सहयोग एवं प्रायोजन रहा।सतीश महाना ने फिजियोथेरेपी को बिना दवा उपचार का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसके बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि आईएपी उत्तर प्रदेश के सचिव के. के. शर्मा ने कहा कि बिगड़ती जीवनशैली के कारण घुटने, कमर, जोड़ों और रीढ़ से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। कई मामलों में फिजियोथेरेपी दवा और ऑपरेशन के विकल्प के रूप में प्रभावी भूमिका निभा सकती है। सीएसजेएम विश्वविद्यालय के एसोसिएट डीन डॉ. दिग्विजय शर्मा ने जागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा, रोजाना 15 मिनट की फिजियो, जिंदगी खुशहाली से जियो। अध्यक्षता कर रहे डफरिन अस्पताल के डॉ. सुधीर कुमार द्विवेदी ने गर्भावस्था और प्रसव से पहले व बाद फिजियोथेरेपी कीउपयोगिता बताई। पारस अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. प्रशांक गोयल ने रीढ़ की सर्जरी में नवीन तकनीक यूबीई पर जानकारी दी। वेदांता अस्पताल, कानपुर के वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवांश त्रिवेदी ने रोबोटिक तकनीक से पूर्ण घुटना प्रत्यारोपण पर विचार रखे। कार्यक्रम में केजीएमयू लखनऊ और मेदांता अस्पताल लखनऊ के विशेषज्ञों ने भी सहभागिता की। आयोजक डॉ. सुधीर द्विवेदी, डॉ. स्टेनली ब्राउन, डॉ. आशीष कुशवाहा और डॉ. अभिषेक बाजपेई ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में करीब 200 फिजियोथेरेपिस्ट शामिल हुए।