डिजिटल सर्वे से खेती को मिलेगी नई रफ्तार: डॉ आर आर बर्मन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | आईसीएआर अटारी जोन तीन में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक (कृषि प्रसार) डॉ. आर.आर. बर्मन ने लैंडस्केप डायग्नोस्टिक सर्वे विषय पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र में भाग लिया तथा वैज्ञानिकों, कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के विशेषज्ञों एवं किसानों से संवाद किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अटारी कानपुर, IFPRI, CIMMYT एवं IRRI के द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ हरियाली अमावस्या के अवसर पर वृक्षारोपण के साथ हुआ।समापन सत्र में डॉ. बर्मन ने कहा कि किसानों से सीधे प्राप्त जानकारी के आधार पर कृषि अनुसंधान एवं प्रसार कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका को और मजबूत करने तथा आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से किसानों की समस्याओं और आवश्यकताओं को वैज्ञानिक ढंग से दर्ज करने पर बल दिया।आईसीएआर-अटारी, कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि यह पहल किसानों की वास्तविक जरूरतों को अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने किसानों से मोबाइल आधारित डिजिटल सर्वे कर व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया।
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