हर घर तिरंगा" अभियान के अंतर्गत कृषि विश्वविद्यालय में निकली बृहद तिरंगा रैली
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सीएसए मे देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करने हेतु भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ “वंदे मातरम्” गीत के सामूहिक गायन से हुआ, जिससे पूरे परिसर में देशभक्ति एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त हो गया। तदुपरांत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ संजीव गुप्ता द्वारा तिरंगा रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. कौशल कुमार, अधिष्ठाता, कृषि एवं वानिकी महाविद्यालय; डॉ. सीमा सोनकर, अधिष्ठाता, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय; डॉ. वी.के. त्रिपाठी, अधिष्ठाता, उद्यानिकी महाविद्यालय; डॉ. मुकेश श्रीवास्तव, अधिष्ठाता छात्र कल्याण; डॉ. रश्मि सिंह, एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक; डॉ. राजीव कुमार, कार्यक्रम अधिकारी, एनएसएस इकाई-1; डॉ. अरुण कुमार, कार्यक्रम अधिकारी, एनएसएस इकाई-2; डॉ. संघमित्रा महापात्रा, कार्यक्रम अधिकारी, एनएसएस इकाई-3; डॉ. उमानाथ शुक्ला, कार्यक्रम अधिकारी, एनएसएस इकाई-7; डॉ. विनीता सिंह, ईसीएम प्रभारी; डॉ. एकता शर्मा, प्रोफेसर; डॉ. मुक्ता गर्ग, विभागाध्यक्ष प्रभारी, मानव विकास एवं परिवार अध्ययन विभाग; तथा डॉ. संगीता गुप्ता सहित अनेक शिक्षकगण एवं शिक्षण सहयोगी उपस्थित रहे। तिरंगा रैली में एनएसएस इकाई 1, 2, 3 एवं 7 के स्वयंसेवकों के साथ-साथ कृषि एवं सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हाथों में तिरंगा लेकर एवं देशभक्ति से ओत-प्रोत नारों के साथ प्रतिभागियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ रैली में भाग लिया। रैली नंदी चौराहा से प्रारम्भ होकर कम्पनी बाग तक निकाली गई। रैली के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता, देशभक्ति तथा विकसित भारत के निर्माण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। प्रतिभागियों ने संविधान के आदर्शों का पालन करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, देश की एकता एवं अखंडता की रक्षा तथा राष्ट्र की प्रगति एवं समृद्धि के लिए निरंतर कार्य करने की सामूहिक प्रतिज्ञा के साथ हुआ।
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