आईआईटी कानपुर के दो नए स्नातक कार्यक्रमों की शुरुआत
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के वाधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स (डब्ल्यूएसएआईएस) ने अपने नए बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी (बी.साइबर) और बी.टेक. इन इंटेलिजेंट सिस्टम्स (बीटीआईएस) कार्यक्रमों के प्रथम स्नातक बैच के स्वागत में स्टूडेंट ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया। इस अवसर पर स्कूल के एम.टेक., एमएस और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों ने भी भाग लिया, जिसके साथ नए शैक्षणिक सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई।इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को डब्ल्यूएसएआईएस की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुसंधान के अवसरों और अंतर्विषयक शिक्षण वातावरण से परिचित कराना था। साथ ही उन्हें आईआईटी कानपुर की नवाचार और उत्कृष्टता की संस्कृति से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को संकाय सदस्यों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और अपने सहपाठियों के साथ संवाद करने का अवसर भी मिला।विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए आईआईटी कानपुर के वाधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स के डीन प्रो. नितिन सक्सेना ने कहा कि दो नए स्नातक कार्यक्रमों की शुरुआत स्कूल की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा, "बीटीआईएस और बी.साइबर कार्यक्रमों की शुरुआत वाधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। हमारे प्रथम स्नातक बैच के साथ-साथ एम.टेक., एमएस और पीएचडी कार्यक्रमों के विद्यार्थी भी इस शैक्षणिक यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं। इससे स्कूल के शैक्षणिक और अनुसंधान इकोसिस्टम को मजबूत आधार मिलेगा। मैं सभी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करता हूं कि वे आईआईटी कानपुर में उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाएं।"आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणिन्द्र अग्रवाल ने कहा, "आईआईटी कानपुर केवल कक्षा आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं है। मैं विद्यार्थियों को संस्थान के अनुसंधान, नवाचार और अंतर्विषयक वातावरण का पूरा लाभ उठाने तथा परिसर में उपलब्ध विविध अवसरों का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रेरित करता हूं। आज के व्यापक डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटेलिजेंट सिस्टम्स और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। मुझे विश्वास है कि हमारे विद्यार्थी आईआईटी कानपुर की शैक्षणिक उत्कृष्टता का सर्वोत्तम उपयोग करते हुए इन क्षेत्रों में सार्थक योगदान देंगे।"
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