सहकार भारती अभ्यास वर्ग में राष्ट्रभाव और सहकारिता पर मंथन
-सहकारिता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा समाज: अरविंद दुबे
-सहकार भारती के मंच से सामाजिक एकता और आर्थिक सशक्तिकरण का संदेश
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। सहकार भारती कानपुर विभाग मंडल का दो दिवसीय अभ्यास वर्ग आयोजित किया गया। अभ्यास वर्ग के दूसरे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिनिधि सुरेश, प्रदेश महामंत्री अरविंद दुबे, विभाग प्रमुख नीरज त्रिपाठी एवं महानगर अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह ने दीप प्रज्वलित कर तथा संस्थापक सदस्य लक्ष्मण राव इनामदार एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम का संचालन महानगर महामंत्री चंद्र प्रकाश अग्निहोत्री ने किया।मुख्य अतिथि सुरेश ने सहकार भारती के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1925 में विजयदशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना कर समाज में राष्ट्रभाव, एकता और सामाजिक चेतना जागृत करने का कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की मूल भावना सर्वे भवंतु सुखिनः में निहित है। हिंदुत्व में प्रकृति, नदियों, जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों के प्रति भी सम्मान का भाव देखने को मिलता है।प्रदेश महामंत्री अरविंद दुबे ने कहा कि सहकार भारती सहकारिता के माध्यम से समाज को आत्मनिर्भर बनाने का अभियान है। कार्यकर्ताओं को गांव-गांव और समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर सहकारिता के महत्व को समझाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मजबूत सहकारी संस्थाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा कर सकती हैं।डीपी पाठक ने कहा कि सहकारिता का आधार आपसी विश्वास, सहभागिता और सामूहिक विकास है। किसानों, श्रमिकों, छोटे व्यापारियों और अन्य वर्गों को सहकारिता से जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को गति दी जा सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन के उद्देश्यों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया। औद्यानिक प्रकोष्ठ से जुड़े विश्वनाथ द्विवेदी ने कहा कि बागवानी और कृषि क्षेत्र में सहकारिता को बढ़ावा देकर किसानों की आय और उत्पादन क्षमता में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों और बागवानों को एक मंच पर लाकर आधुनिक तकनीक, बेहतर विपणन व्यवस्था और सामूहिक संसाधनों का लाभ दिलाना समय की आवश्यकता है। औद्यानिक क्षेत्र में सहकारी मॉडल को मजबूत करने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।वक्ताओं ने बताया कि लक्ष्मण राव इनामदार ने 11 जनवरी 1979 को सहकार भारती की स्थापना की थी। इसके प्रथम अध्यक्ष माधवराव गोदबोले रहे। अभ्यास वर्ग में संगठन की कार्यपद्धति, सहकारिता के सिद्धांत, सामाजिक दायित्व एवं आगामी कार्ययोजना को लेकर कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।