जुलूस-ए-मोहम्मदी को पुलिस कमिश्नर ने परेड ग्राउंड से झंडी दिखाई किया रवाना
- रास्ते में जगह-जगह तबर्रुक और खाने-पीने के स्टॉल
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। बुधवार दोपहर शहर के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड से जुलूस-ए-मोहम्मदी की शुरुआत हुई। जमीयत उलमा हिंद के प्रदेश उपाध्यक्ष अमीनुल हक कासमी और पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने हरी झंडी दिखाकर जुलूस को रवाना किया। प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया कि शहर में जमीयत उलमा हिंद की देखरेख में करीब 114 साल से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि जुलूस का उद्देश्य इंसानियत, भाईचारे और अमन-चैन का संदेश देना है।जुलूस में करीब 2 लाख लोग शामिल हुए। जुलूस 'सरकार की आमद मरहबा' के नारों और गीतों के बीच नई सड़क की ओर बढ़ा। करीब 14 किलोमीटर लंबे जुलूस का रात लगभग 10 बजे फूलबाग पहुंचकर समापन होने की बात कही गई है। जुलूस को देखते हुए ट्रैफिक विभाग ने शहर के कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन लागू किया है, जो जुलूस के समाप्त होने तक जारी रहेगा। जुलूस के रास्ते में जगह-जगह लोगों के लिए तबर्रुक यानी प्रसाद बांटा जा रहा है। कई स्थानों पर खाने-पीने की चीजों के स्टॉल भी लगाए गए हैं। बुजुर्गों से लेकर युवा और बच्चे तक बड़ी संख्या में जुलूस में शामिल हुए। नई सड़क इलाके में जुलूस के दौरान इस्लामिक परचम के साथ कई वाहनों पर तिरंगा झंडा भी नजर आया। अकीदतमंद पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर जुलूस में शामिल होकर अपनी आस्था और खुशी का इजहार कर रहे हैं।आयोजकों के मुताबिक 12 रबी अव्वल को पैगंबर-ए-इस्लाम के जन्मदिन के मौके पर निकलने वाले इस जुलूस में हर वर्ग के लोग शामिल होते हैं। जुलूस के जरिए पूरी दुनिया को इंसानियत और भाईचारे का संदेश देने का प्रयास किया जाता है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस की मॉनिटरिंग डीसीपी स्तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही है। जुलूस के मार्ग पर भारी पुलिस बल के साथ पीएसी की भी तैनाती की गई है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हो सके।