तहसील अमरिया उपजिलाधिकारी को निषाद पार्टी ने सौंपा ज्ञापन |
-निषाद बंश की पर्यायवाची जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने की मांग |
जिला संवाददाता बुद्धसेन कश्यप
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस पीलीभीत | विमुक्त जनजाति निषाद बंश की उपजातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने और जाती गढ़ जनगणना में मझवार अंकित कराने के सम्बन्ध में दिया ज्ञापन निषाद बंश के लोग जो अंग्रेजों के काले कानून क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट अठारह सौ एकत्र के तहत जन्मजात अपराधी घोषित किए गए थे भारत सरकार ने इस काले कानून को इक्कतीस अगस्त उन्नीस सौ बावन में को निरस्त करके विमुक्त जनजाति घोषित किया इकतीस अगस्त को हम विमुक्ति दिवस के रूप में मनाते है उन्नीस सौ इकतीस की जनगणना के अनुसार केवट मल्लाह निषाद बिन्द मझवार कश्यप तुरैहा मांझी रैंकवार आदि यह वंश की पर्यायवाची जातियां हैं वर्तमान में एक ही वंश की जाती को अलग अलग राज्यों में अलग अलग आरक्षण मिला हुआ है जैसे मल्लाह दिल्ली में एस सी में है बंगाल में केवट एस सी में है और उत्तर प्रदेश में हम लोगों को ओ बी सी में रखा गया है इससे समाज के साथ घोर विसंगति हो रही है समाज के प्रति निम्नलिखित मांगे नंबर एक जनगणना में हमारी सभी पर्यायवाची जातियां का नाम मझवार के कालम में दर्ज किया जाए ब्रैकेट में डी टी विमुक्त जनजाति अवश्य लिखा जाए ताकि हमारी सही संख्या का पता चल सके नंबर दो उत्तर प्रदेश की निषाद बंश की सभी पर्यायवाची जातियों को भारत के अन्य राज्यों की तरह अनुसूचित जाति एस सी की सूची में शामिल किया जाए नंबर तीन संविधान समीक्षा आयोग 2000,02 अध्यक्ष जस्टिस वेंकटचलिया की शिफारिश के अनुसार विमुक्त जनजातियों को महाराष्ट्र और पंजाब की तरह शिक्षा नौकरी और राजनीति में आरक्षण और पेंशन की सुविधा दी जाए नंबर चार अठारह सौ सत्तावन के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए निषाद वंश के शहीदों के गावों को आदर्श शहीद गांव घोषित किया जाए और उनके परिवारो को स्वतंत्रता सेनानी सम्मान दिया जाए |