कूटरचित ई-केवाईसी के माध्यम से सिम फार्मिंग करने वाले गिरोह का खुलासा, 02 अभियुक्त गिरफ्तार
-अभियुक्तगण के कब्जे से 48 सिम कार्ड बरामद
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर |कूटरचित ई केवाईसी के माध्यम से सिम फार्मिंग करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता का आयोजन कर यह जानकारी दी है। बीते माह 21 अगस्त को वादिया श्रीमती शोभा पत्नी राजेन्द्र कुमार निवासिनी ग्राम भौनिया, चन्दपुरवा थाना सुमेरपुर से प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा मु0अ0सं0- 10/2026 धारा 318(4)/336(3) भारतीय न्याय संहिता 66(C)/66(D) आईटी एक्ट बनाम अज्ञात के विरुद्ध पंजीकृत किया गया था, इसी क्रम में 25 अगस्त 2026 को वादिया माया पत्नी रामबहादुर निवासिनी ग्राम भुलसी, थाना सिसोलर, हमीरपुर से प्राप्त तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0- 11/2026 धारा 318(4)/336(3) भारतीय न्याय संहिता 66(C)/66(D) आईटी एक्ट के अन्तर्गत अज्ञात के विरुद्ध पंजीकृत किया गया था। पुलिस अधीक्षक द्वारा घटना के शीघ्र व सफल अनावरण हेतु टीमों का गठन किया गया था। पुलिस अधीक्षक जनपद हमीरपुर के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एवं क्षेत्राधिकारी सदर के कुशल पर्यवेक्षण में थाना साइबर क्राइम पर पंजीकृत उपरोक्त दोनों मुकदमें में सम्बन्धित दीपक कुमार पुत्र रामखिलावन उम्र करीब 22 वर्ष निवासी ग्राम भौरा डाण्डा, थाना सुमेरपुर विक्रान्त सिंह पुत्र बलवान सिंह उम्र करीब 26 वर्ष निवासी ग्राम देवपुरा, पोस्ट लमसर, थाना कालपी, जनपद जालौन का नाम विवेचना के क्रम में प्रकाश में आया। जिन्हें मुखबिर खास की सूचना पर दोनों अभियुक्तगण को निर्माणाधीन पुल, सिटी फारेस्ट के पास थाना क्षेत्र कोतवाली नगर से 48 अदद ब्लैंक सिम कार्ड, 02 अदद एंड्रॉइड मोबाइल फोन नथिंग कंपनी का, 02 अदद आधार कार्ड के साथ गिरफ्तार कर बरामदगी के आधार पर उपरोक्त दोनों मुकदमें में धारा- 3(5)/61/338/340(2) भारतीय न्याय संहिता एवं 42(3)(e) टेलीकॉम एक्ट की बढोतरी की गई। प्रकरण में विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए उपरोक्त दोनों अभियुक्तगण को न्यायालय भेजा जा रहा है।
अभियुक्त दीपक कुमार एवं विक्रान्त सिंह दोनों मिलकर पीओएस एजेंट के रूप में कार्य करते थे। अभियुक्त विक्रान्त मिडलैण्ड माइक्रो फाइनेंस कम्पनी के फील्ड ऑफिसर के रुप में कार्यरत था, एवं दीपक कुमार उसके सहयोगी के रुप में समूह लोन दिलाने हेतु केवाईसी कराने के नाम पर उनकी जानकारी/सहमति के बिना उनके नाम से सिम कार्ड निकाल लिया जाता था, जिसे साइबर अपराधियों को ऊंचे दामों पर बेच देता था ।एन सीआरपी पोर्टल/समन्वय पोर्टल की जांच से यह भी प्रमाणित हुआ है कि अभियुक्त दीपक के द्वारा कुल 69 सिमकार्ड निकाला गया है जिसपर 19 राज्यों में साइबर फ्रॉड की कुल 114 घटनाएं घटित की जा चुकी हैं। अभियुक्त विक्रांत सिंह के द्वारा कुल 36 सिमकार्ड निकाला गया है जिसपर 16 राज्यों में साइबर फ्रॉड की कुल 56 घटनाएं घटित की जा चुकी हैं। जिनसे लाखों रूपये का साइबर फ्राड किया गया है।गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरण दीपक कुमार पुत्र रामखिलावन (उम्र करीब 22 वर्ष) निवासी ग्राम भौरा डाण्डा, थाना सुमेरपुर, जनपद हमीरपुर। विक्रान्त सिंह पुत्र बलवान सिंह (उम्र करीब 26 वर्ष) निवासी ग्राम देवपुरा, पोस्ट लमसर, थाना कालपी जनपद जालौन|बरामदगी अभियुक्तवार विवरण अभियुक्त दीपक कुमार के पास से बरामद सामग्री 29 अदद सिम।एक अदद मोबाइल फोन नथिंग कम्पनी जिससे केवाईसी / आईरिस स्कैन की प्रक्रिया में इस्तेमाल हुआ है।दो आधार कार्ड जिसमें से एक कूटरचित आधार कार्ड है जो वादिया के मूल आधार कार्ड पर अभि0 दीपक द्वारा अपनी मां की फोटो सस्पेण्डिड पीओस आईडी को पुनः चालू कराने के लिये कूटरचित कर तैयार किया गया था।अभियुक्त विक्रान्त सिंह के पास से बरामद सामग्री 19 अदद सिम,एक अदद मोबाइल फोन नथिंग कम्पनी जिससे केवाईसी / आईरिस स्कैन की प्रक्रिया में इस्तेमाल हुआ है।पुलिस टीम थाना साइबर क्राइम निरी0 अमित कुमार (प्रभारी थाना साइबर क्राइम), निरीक्षक भरत कुमार (साइबर थाना), उपनिरीक्षक सचिन शर्मा (प्रभारी स्वाट टीम मय टीम)उपनिरीक्षक कृष्णदेव त्रिपाठी (प्रभारी सर्विलांश सेल मय टीम), उपअजीत सिंह (साइबर सेल),हे0का0 कमल कान्त यादव (साइबर थाना),का0 प्रवीन यादव (साइबर थाना), का0 चन्द्रभवन दिवाकर (साइबर सेल)
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