नगर निकायों की स्वच्छता व्यवस्था एवं विकास योजनाओं की जिलाधिकारी ने की समीक्षा
-डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व कचरा पृथक्कीकरण शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हमीरपुर। जिलाधिकारी हमीरपुर अभिषेक गोयल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के समस्त नगरीय निकायों, डूडा तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), पीएम स्वनिधि सहित विभिन्न नगरीय विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निकायों की स्वच्छता व्यवस्था, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, अतिक्रमण, जलभराव, स्ट्रीट लाइट, वेंडिंग जोन सहित नगरीय सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने नगर निकायों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की प्रगति तथा गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्कीकरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि घर-घर से कूड़ा संग्रहण को शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए तथा कचरे का स्रोत पर ही पृथक्कीकरण कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वयं अपने घरों से कचरा पृथक्कीकरण की शुरुआत करने तथा आमजन को इसके लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों की क्षमता के अनुरूप उपयोग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि उपलब्ध एमआरएफ केंद्रों एवं प्रसंस्करण इकाइयों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकतानुसार शिफ्टों में कार्य कराकर संचित लिगेसी वेस्ट के निस्तारण की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि नगर निकायों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर हो सके।
उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में निर्धारित मानकों का अनुपालन केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने समस्त अधिशासी अधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक तक व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
*वेंडिंग जोन एवं अतिक्रमण को लेकर दिए निर्देश*
बैठक में नगर निकाय क्षेत्रों में वेंडिंग जोन तैयार कराने को लेकर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित किए जाएं, ताकि सड़क एवं फुटपाथ पर अनियंत्रित रूप से दुकानें लगने से यातायात एवं आमजन के आवागमन में बाधा उत्पन्न न हो।
उन्होंने फुटपाथों एवं सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। फुटपाथों पर ट्रांसफार्मर, पेड़-पौधों, स्ट्रीट लाइट के खंभों तथा फुटपाथ की अत्यधिक ऊंचाई से उत्पन्न समस्याओं का भी परीक्षण कर आवश्यक सुधार कराने को कहा गया।
*तालाबों में इनलेट-आउटलेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश*
जिलाधिकारी ने नगर निकाय क्षेत्रों में तालाबों के निर्माण एवं सुधार कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि तालाबों में जल निकासी एवं जलभराव की समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रॉपर इनलेट एवं आउटलेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। तालाबों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के कार्य गुणवत्ता के साथ कराए जाएं, जिससे वर्षा जल का उचित संचयन एवं निकासी सुनिश्चित हो सके।
*स्ट्रीट लाइट एवं नगरीय सुविधाओं की समीक्षा*
बैठक में नगर क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सड़कों एवं फुटपाथों के बीच लगे स्ट्रीट लाइट के खंभों तथा पेड़-पौधों की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यकतानुसार व्यवस्था को व्यवस्थित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर प्रकाश व्यवस्था, सुगम आवागमन एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
*डूडा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा*
जिलाधिकारी ने डूडा तथा नगरीय निकायों द्वारा कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए योजनाओं को निर्धारित समयसीमा एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत लाभार्थियों की स्थिति, आवास निर्माण की प्रगति तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में पीएम स्वनिधि योजना की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पात्र पथ विक्रेताओं को योजना का लाभ दिलाने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराने तथा योजना के संबंध में पात्र लाभार्थियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
*जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर*
जिलाधिकारी ने नगर निकायों से संबंधित आमजन की सफाई, कूड़ा संग्रहण, जलभराव एवं अन्य समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा भी की जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) श्रीमती रिजवाना शाहिद, डिप्टी कलेक्टर पैगाम हैदर, उप जिलाधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी कुरारा आलोक प्रताप सिंह, जिला सूचना अधिकारी सतीश कुमार सहित समस्त नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारीगण एवं संबंधित अधिकारी,कर्मचारी उपस्थित रहे।