59वें जिलाधिकारी बने महेंद्र सिंह तंवर, संभाला कार्यभार
- कार्यभार ग्रहण करने के बाद कलेक्ट्रेट का किया निरीक्षण, अधिकारियों-कर्मचारियों से लिया परिचय
- 2015 बैच के आईएएस,कानपुर नगर तीसरा जिला
कानपुर। नवागत डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बुधवार को कोषागार में 59वें जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न पटलों एवं कार्यालयों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं का जायजा लेकर दिशा-निर्देश दिए।कार्यभार ग्रहण करने के बाद जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभव का उल्लेख करते हुए जनपद में कार्य की प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और जनसमस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहेगा। डीएम ने कहा कि नगर की आवश्यकताओं को समझते हुए विकास कार्यों और जनसुविधाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। शासन ने निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय और टीम भावना से कार्य करते हुए जनहित से जुड़े विषयों पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा। महेंद्र सिंह तंवर 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। जिलाधिकारी के रूप में कानपुर नगर उनका तीसरा जिला है। इससे पहले वह संतकबीरनगर और कुशीनगर में जिलाधिकारी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। अपने प्रशासनिक करियर में वह गाजियाबाद के नगर आयुक्त, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और शाहजहांपुर में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर भी तैनात रह चुके हैं। इसके अतिरिक्त एटा और बहराइच में भी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। कलेक्ट्रेट परिसर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न पटलों एवं कार्यालयों में पहुंचकर कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव और प्रकरणों के निस्तारण की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि शासकीय कार्यों का निष्पादन समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। कार्यालय आने वाले लोगों की समस्याओं एवं प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ उप जिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह, आईएएस संदीप कुमार, अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विवेक चतुर्वेदी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।