फायर सेफ्टी को लेकर UPUMS सैफई में कर्मचारियों एवं अधिकारियों का मॉक ड्रिल
-कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह के निर्देशन में विभिन्न संवर्गों के अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया अग्निशमन का व्यावहारिक प्रशिक्षण
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सैफई, इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई में आग जैसी आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न संवर्गों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए फायर सेफ्टी एवं फायर एक्सटिंग्विशर के प्रयोग का मॉक ड्रिल एवं जागरूकता प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षित तरीके से आग पर नियंत्रण करने के लिए व्यावहारिक रूप से तैयार करना रहा। मॉक ड्रिल के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार की आग की परिस्थितियों के बारे में जानकारी देते हुए अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) के सही चयन एवं सुरक्षित उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि आग लगने की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में सही जानकारी और प्रशिक्षित व्यक्ति छोटी आग को बड़ा रूप लेने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसी उद्देश्य से कर्मचारियों एवं अधिकारियों को फायर एक्सटिंग्विशर को उठाने, पिन निकालने, सही दिशा में नोजल लगाने तथा नियंत्रित तरीके से आग बुझाने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न विभागों एवं संवर्गों से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया तथा स्वयं फायर एक्सटिंग्विशर का प्रयोग करते हुए आग बुझाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। प्रतिभागियों को आग लगने की स्थिति में तत्काल सूचना देने, आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, आपातकालीन मार्गों का उपयोग करने तथा आवश्यक सुरक्षा सावधानियां बरतने के संबंध में भी जागरूक किया गया।
कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह ने इस मॉक ड्रिल को विश्वविद्यालय में मरीजों, तीमारदारों, विद्यार्थियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्य के तौर पर आदेशित किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केवल संसाधनों की उपलब्धता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सही समय पर सही तरीके से उपयोग करने का प्रशिक्षण भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी प्रशिक्षण को नियमित जागरूकता एवं सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने कार्यस्थल पर अग्नि सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करें, फायर एक्सटिंग्विशर एवं आपातकालीन निकास मार्गों की जानकारी रखें और आवश्यकता पड़ने पर शांत एवं संयमित रहते हुए प्रशिक्षित तरीके से कार्य करें।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के मॉक ड्रिल न केवल कर्मचारियों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने, सामूहिक रूप से कार्य करने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
UPUMS सैफई द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण विश्वविद्यालय की “सुरक्षा पहले” की प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में विश्वविद्यालय परिवार पूरी सजगता और जिम्मेदारी के साथ उसका सामना कर सके।