बिना चिकित्सकीय सलाह एंटीबायोटिक का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर: गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में शनिवार को ‘तर्कसंगत एंटीबायोटिक जागरूकता दिवस’ का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने एंटीबायोटिक दवाओं के अनावश्यक और अनुचित इस्तेमाल से बढ़ते एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) के खतरे के प्रति चिकित्सकों और आमजन को सचेत किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र गौतम ने कहा कि एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन रहा है। एंटीबायोटिक के अत्यधिक और अनुचित इस्तेमाल से बैक्टीरिया इन दवाओं के प्रति प्रतिरोधी होते जा रहे हैं। इसका असर निमोनिया, सेप्सिस और मूत्र मार्ग संक्रमण (यूटीआई) जैसे गंभीर संक्रमणों के उपचार पर भी पड़ रहा है, जहां प्रभावी दवा का चयन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. यशवंत के. राव ने कहा कि बच्चों में सामान्य सर्दी-खांसी और अधिकांश वायरल बुखार में एंटीबायोटिक की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि ये दवाएं वायरस के खिलाफ प्रभावी नहीं हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक देने से बच्चों के आंतों में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया का संतुलन प्रभावित हो सकता है और भविष्य में दवा प्रतिरोध का जोखिम बढ़ सकता है।डॉ. अमितेश यादव ने कहा कि किसी संक्रमण के दवा-प्रतिरोधी होने पर उपचार अधिक जटिल हो सकता है। इससे अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि, उपचार संबंधी जटिलताओं और आर्थिक बोझ में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि बची हुई एंटीबायोटिक दवा का स्वयं दोबारा इस्तेमाल करना या किसी अन्य व्यक्ति को देना भी उचित नहीं है।कार्यक्रम में डॉ. नेहा अग्रवाल, डॉ. राहुल और डॉ. रश्मि सहित करीब 35 वरिष्ठ चिकित्सकों और रेजिडेंट डॉक्टरों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में चिकित्सकों ने एंटीबायोटिक के विवेकपूर्ण उपयोग और इसके प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।डॉक्टर की सलाह और निर्धारित खुराक का पालन जरूरीविशेषज्ञों ने आमजन से अपील की कि एंटीबायोटिक केवल उचित चिकित्सकीय संकेत, मरीज की स्थिति और आवश्यक जांच के आधार पर ही ली जाए। बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक न खरीदें और न ही मनमाने ढंग से इसका सेवन करें। डॉक्टर द्वारा निर्धारित खुराक और अवधि का पालन करना चाहिए तथा उपचार के दौरान दवा में बदलाव या उसे बंद करने का निर्णय चिकित्सकीय सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए।
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