चक्रवाती तूफान अर्नब का कहर: 20 मकान गिरे,14 पशुओं की मौत,कार पलटी; बिजली गुल
-मामला कन्नौज जिले में लगातार जारी बरसात के चलते घटी घटनाओं का
-सदर कोतवाली के गांव कीरतपुर में 17 बकरियों की मौत
-शुक्रवार से हो रही लगातार बारिश से बिगड़े हालात, बिजली व्यवस्था ध्वस्थ,लोगों के रोजगार पर दिखा संकट
कन्नौज ब्यूरो पवन श्रीवास्तव के साथ संदीप शर्मा
हिंदुस्तान न्यूज एक्सप्रेस कन्नौज संवाददाता।चक्रवाती तूफान अर्नब के कहर से बीते शुक्रवार की सुबह से जारी बरसात ने जिले में कई व्यवस्थाओं को ध्वस्थ करके रख दिया। बारिश के चलते जिले में जहां एक कच्चा मकान गिरने से उसमें मौजूद 17 बकरियों की मौत हो गई, वहीं जनमानस को कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ा।बताते चलें कि बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब के गहरे अवदाब के असर से जाता हुआ मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया,वहीं इसके असर से बीते शुक्रवार की सुबह से लगातार जारी बारिश ने जनजीवन को अस्त व्यक्त करके रख दिया।शनिवार को सदर कोतवाली के गांव कीरतपुर में एक कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया। जिसके मकान में मौजूद 35 बकरियां भी मलबे में दब गईं।
मामले की जानकारी मकान स्वामी और आसपास के ग्रामीणों को हुई तो लोग मदद को दौड़ पड़े। कड़ी मशक्कत के बाद जहां मलबे में दबी 18 बकरियों को बचा लिया गया वहीं 17 बकरियों की मौत हो गई।बात दें कि गांव के रहने वाले खलील बकरी पालन का कार्य करते हैं, दो बजे के करीब घटित हादसे में बकरियों की मौत के बाद खलील के सामने संकट पैदा हो गया।खलील के मुताबिक एक बकरी की कीमत बीस हजार रुपए थी।बारिश के कारण 33 केवी विद्युत लाइन में फाल्ट आने से शुक्रवार की देर रात तिर्वा नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था ध्वस्थ हो गई वहीं बिजली आपूर्ति शनिवार की देर सायं बहाल नहीं हो सकी थी।करीब 20 घंटे बिजली के लगातार बाधित रहने की समस्या से लोगों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा।पीने के पानी से लेकर बिजली संचालित कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुए।बारिश के कारण बाजारों में शनिवार की सुबह से देर सायं तक सन्नाटा सा नजर आया।जरूरी कार्य से ही इक्का दुक्का लोग ही सड़कों पर रेंगते नजर आए।लगातार जारी बारिश के मंजर की बात करें तो जहां कई सड़कों और गलियों पर पानी ही पानी नजर आया वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तो लोग निकलने को भी परेशान रहे। तिर्वा कन्नौज मार्ग पर तो तिर्वा नगर में ही सड़कों पर कई जगह हो चुके गड्ढों पर कई वाहन चालक गिरते पड़ते नजर आए। बारिश का पानी के दुकानों और घरों में घुसने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।रोजमर्रा से अपनी जीविका चलाने वाले कामगार भी बारिश के कारण परेशान नजर आए।कुल मिलकर कहा जाए तो बीते शुक्रवार की सुबह से जारी लगातार बारिश ने जिले के तिर्वा सहित गुरसहायगंज,छिबरामऊ,कन्नौज शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में अव्यवस्था का आलम पैदा कर दिया।बताते चलें कि बारिश के चलते शनिवार की दोपहर गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के ब्लॉक जलालाबाद के अंतर्गत गांव घासीपुर्वा निवासी अखिलेश पुत्र आशाराम का मकान भी गिर गया।जहां परिजन बाल बाल बच गए,वहीं एक भैंस की मौत हो गई।बताते चलें कि लगातार बारिश के कहर से बीते 48 घंटों में जिले में शहर से लेकर गांव तक अलग अलग क्षेत्रों में जहां 20 मकानों के गिरने की खबरें सामने आई हैं वहीं 14 पशुओं की मौत भी बारिश के कारण बताई गई है।मामले की जानकारी जिला प्रशासन को दिए जाने के बाद अधिकारियों के निर्देश पर राजस्व टीमें और स्थानीय पुलिस मामलों की जांच पड़ताल करने में लगी है।डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की मानें तो आपदा से प्रभावित लोगों के नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच टीमों की रिपोर्ट के आधार पर पीड़ितों की संभव मदद भी की जाएगी।बारिश के चलते लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर सौंरिख थाना क्षेत्र के अंतर्गत किमी प्वाइंट माइल स्टोन 163 पर कानपुर की ओर से आगरा की ओर जा रही एक कार अनियंत्रण के कारण डिवाइडर से टकराकर पलट गई।शाम चार बजे के करीब घटी घटना में कार सवार तीन लोग घायल हुए हैं। मामले की जानकारी यूपीडा टीम को हुई तो मौके पर पहुंची यूपीडा टीम के एंबुलेंस की मदद से दुर्घटना में घायल लोगों को उपचार हेतु तिर्वा मेडिकल कॉलेज भेजा। यहां घायलों में 40 वर्षीय जयशंकर पुत्र रंगबहादुर एवं 75 वर्षीय विजयप्रताप पुत्र सूबेदार निवासी बनारस का उपचार मेडिकल कॉलेज तिर्वा में जारी था यूपीडा टीम द्वारा दुर्घटनाग्रस्त कार को टोल प्लाजा पर खड़ा करवा दिया गया है।