तेरापंथ योग परिषद और जीसीआई ब्रह्मावर्त ने लगाया रक्तदान शिविर
-रक्तदान के जरिए जरूरतमंद मरीजों की मदद का दिया संदेश |
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | रक्तदान को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। तेरापंथ योग परिषद और जीसीआई ब्रह्मावर्त के संयुक्त तत्वावधान में शहर में दो स्थानों पर रक्तदान कैंप लगाए गए। तेरापंथ भवन बिरहाना रोड और एमराल्ड गार्डन तिलक नगर में आयोजित इन शिविरों में कुल 171 यूनिट रक्तदान किया गया। आयोजकों ने लोगों से अपील की कि स्वस्थ और पात्र व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आएं, क्योंकि जरूरत के समय यही रक्त किसी मरीज के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है,महिला मंडल की ओर से भी आयोजन में सहयोग किया गया। वृंदा ठक्कर, रुचि जैन और स्वाति मित्तल समेत अन्य सदस्यों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। वहीं तेरापंथ भवन की ओर से धनराज सुराणा, प्रमोद सुराणा और ललित जैन ने भी रक्तदान शिविर के आयोजन में अपना सहयोग दिया। रक्तदान एक ऐसा सामाजिक कार्य है,जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा स्वस्थ और पात्र लोग रक्तदान के लिए आगे आएं और इस अभियान से जुड़ें।रक्तदान करके अच्छा महसूस हो रहा है,हमारा मानना है,कि अगर हमारा रक्त किसी जरूरतमंद मरीज के काम आ सके और उसकी मदद हो सके, तो इससे बड़ी सामाजिक सेवा कोई और नहीं हो सकती। फिलहाल, दो स्थानों पर आयोजित इस रक्तदान अभियान में कुल 171 यूनिट रक्तदान किया गया। आयोजन के जरिए लोगों को रक्तदान के महत्व का संदेश देने के साथ ही जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए आगे आने की अपील की गई रक्तदान को लेकर सामाजिक संस्थाओं की ओर से विशेष अभियान चलाया गया। तेरापंथ योग परिषद और जीसीआई ब्रह्मावर्त के संयुक्त प्रयास से दो अलग-अलग स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। पहला शिविर तेरापंथ भवन, बिरहाना रोड और दूसरा एमराल्ड गार्डन, तिलक नगर में लगाया गया। दोनों शिविरों को मिलाकर कुल 171 यूनिट रक्तदान हुआ। आयोजकों के मुताबिक रक्तदान से प्राप्त रक्त को जरूरत के अनुसार अलग-अलग रक्त अवयवों के रूप में मरीजों के उपचार में इस्तेमाल किया जा सकता है,रक्त से प्राप्त प्लाज्मा और अन्य घटकों का उपयोग चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार किया जाता है,शिविर के माध्यम से लोगों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया और स्वस्थ पात्र लोगों से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की गई। आयोजकों ने यह भी बताया कि गंभीर मरीजों के उपचार में रक्त और उसके विभिन्न घटकों की जरूरत पड़ती है,आवश्यकता के अनुसार प्लेटलेट्स, आरबीसी और प्लाज्मा जैसे रक्त घटकों का उपयोग चिकित्सकीय देखरेख में किया जाता है,वहीं, रक्तदान करने से पहले व्यक्ति की पात्रता और स्वास्थ्य की जांच की जाती है। गंभीर बीमारियों से पीड़ित या चिकित्सकीय रूप से अनुपयुक्त लोगों को रक्तदान नहीं करना चाहिए। इस रक्तदान शिविर में संस्था के अध्यक्ष केतन ठक्कर, महामंत्री अंकित मित्तल और कोषाध्यक्ष अमित जैन सहित कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमित रिंकू जैन, मुकेश जिंदल, नितेश माहेश्वरी, हिमांशु निमानी और तरुण बंसल ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा विकास अग्रवाल, अमित अग्रवाल, होम्योपैथिक डॉक्टर हेमंत मोहन, डॉक्टर आरती मोहन, निखिल माहेश्वरी, रवि गुप्ता, आशीष गुप्ता और अभिषेक मंत्री समेत कई लोग मौजूद रहे |