*113 निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता जांचने के लिए जिलाधिकारी ने गठित की टास्कफोर्स*
*एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं का हर महीने होगा भौतिक सत्यापन*
*खामियां मिलने पर उसी दिन देनी होगी रिपोर्ट, अगले निरीक्षण में सुधार की भी होगी जांच*
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर।जनपद में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित निगरानी के लिए जिलाधिकारी श्री महेंद्र सिंह तंवर ने नई टास्कफोर्स गठित की है। सीएमआईएस पोर्टल पर अंकित 113 निर्माण परियोजनाओं के निरीक्षण एवं तकनीकी गुणवत्ता सत्यापन के लिए प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों की संयुक्त टीमें नामित की गई हैं। ये टीमें निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन करेंगी और गुणवत्ता संबंधी कमियों की रिपोर्ट जिलाधिकारी को देंगी।
*गंगा सेतु, सीवरेज और जलापूर्ति सहित कई बड़ी परियोजनाओं की होगी निगरानी*
टास्कफोर्स के निरीक्षण के दायरे में जनपद की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें कानपुर नगर निगम की 397.53 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना, कानपुर-शुक्लागंज के बीच 235.26 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन गंगा सेतु एवं पहुंच मार्ग का निर्माण, 189.75 करोड़ रुपये की जलापूर्ति पुनर्गठन योजना तथा 126.13 करोड़ रुपये की अन्य सीवरेज परियोजना प्रमुख हैं।
इसके अतिरिक्त भीतरगांव क्षेत्र में पांडु नदी पर सेतु निर्माण तथा मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (सीएम ग्रिड्स) के अंतर्गत घंटाघर से परेड होते हुए ग्रीन पार्क, एनएच-19 से राजाराम चौराहा होते हुए हमीरपुर रोड और बर्रा बाईपास से रामबाग तिराहा होते हुए हमीरपुर मुख्य मार्ग तक सड़क निर्माण एवं उन्नयन की परियोजनाएं भी शामिल हैं।
चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का 33.39 करोड़ रुपये का 100 शैय्या क्रिटिकल केयर ब्लॉक, सर्जरी विभाग में भवन निर्माण तथा लाला लाजपत राय चिकित्सालय के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में विद्युत उपकेंद्र निर्माण शामिल है। इसके साथ ही पुलिस कमिश्नरेट के आवासीय भवनों, मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों, छात्रावासों और अन्य निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता भी जांची जाएगी।
*हर महीने की पांच तारीख तक देनी होगी फोटोयुक्त रिपोर्ट, सुधार का भी होगा सत्यापन*
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि नामित प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारी अक्टूबर 2026 से आवंटित परियोजनाओं का संयुक्त निरीक्षण प्रारंभ करें। नवंबर माह से प्रत्येक महीने की पांच तारीख तक विस्तृत भौतिक सत्यापन कर फोटोयुक्त संयुक्त निरीक्षण आख्या निर्धारित प्रारूप में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों में कोई कमी मिलने पर उसकी जानकारी उसी दिन जिलाधिकारी को देनी होगी। संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था के अधिकारी आवश्यक अभिलेखों के साथ कार्यस्थल पर उपस्थित रहेंगे तथा निरीक्षण में सहयोग करेंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण में पाई गई कमियों पर संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। निरीक्षण आख्या की एक प्रति संबंधित विभाग एवं कार्यदायी संस्था को भी उपलब्ध कराई जाएगी। अगले महीने के निरीक्षण में पिछली बार पाई गई कमियों के निराकरण और सुधारात्मक कार्रवाई की स्थिति का सत्यापन कर उसे मासिक निरीक्षण आख्या में दर्ज करना अनिवार्य होगा।