घाव भरने की प्रक्रिया में प्रतिरक्षा कोशिकाओं की भूमिका पर शैक्षणिक सेमिनार
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर के जंतु विज्ञान विभाग द्वारा ए.एन.डी. कॉलेज, कानपुर के सहयोग से दोनों संस्थानों के मध्य हुए समझौता ज्ञापन (MOU) के अंतर्गत “घाव भरने की प्रक्रिया में प्रतिरक्षा कोशिकाओं की भूमिका” विषय पर एक शैक्षणिक सेमिनार का आयोजन किया गया। प्राचार्या प्रो. वंदना निगम ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं अनुसंधान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। निदेशक प्रो. अर्चना वर्मा ने भी अपने संबोधन में अतिथियों का स्वागत किया तथा विद्यार्थियों के ज्ञान एवं कौशल के विकास में अकादमिक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। जंतु विज्ञान विभाग की प्रभारी प्रो. अंजली श्रीवास्तव ने सेमिनार की विषयवस्तु पर प्रकाश डालते हुए घाव भरने की प्रक्रिया में प्रतिरक्षा कोशिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका तथा इसकी वैज्ञानिक प्रासंगिकता को रेखांकित किया। मुख्य वक्ता प्रो. राकेश कुमार माझी ने अपने व्याख्यान में बताया कि न्यूट्रोफिल और मैक्रोफेज जैसी प्रतिरक्षा कोशिकाएँ संक्रमण से बचाव, सूजन के नियंत्रण तथा क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। उन्होंने प्रतिरक्षा तंत्र और ऊतक पुनर्जनन के बीच संबंध स्पष्ट करते हुए इस विषय की चिकित्सा विज्ञान एवं आधुनिक जैविक अनुसंधान में उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उनका व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक रहा तथा उन्हें विषय की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिला। सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतिरक्षा विज्ञान एवं आधुनिक जैविक अनुसंधान के नवीन पहलुओं से परिचित कराना तथा उनमें वैज्ञानिक जिज्ञासा और शोधपरक सोच को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. कंचन मित्तल द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ. शालिनी शुक्ला ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालय अधीक्षक कृष्णेंद्र कुमार का विशेष योगदान रहा। इस सेमिनार को सफल बनाने में दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग की प्रो. सुनीता आर्या, डॉ. अमिता श्रीवास्तव, डॉ. इशिता पांडे एवं डॉ. रचना सिंह तथा ए.एन.डी. कॉलेज की प्रभारी प्रो. संगीता अवस्थी एवं वहाँ के समस्त प्रवक्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विभाग के शिक्षणोत्तर कर्मचारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय की समस्त प्रवक्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही तथा लगभग 80 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
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