फर्जी सूचना देकर वोटर लिस्ट से नाम कटवाया तो होगी कार्रवाई,एक साल की जेल का प्रावधान
कन्नौज ब्यूरो पवन श्रीवास्तव के साथ प्रिंस श्रीवास्तव
हिंदुस्तान न्यूज एक्सप्रेस कन्नौज संवाददाता।विधानसभा निर्वाचन नामावली से किसी मतदाता का नाम हटवाने के लिए अब फार्म-7 भरते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी।जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने जनसामान्य को चेतावनी दी है कि फार्म-7 में केवल सही और सत्य जानकारी ही दें। जानबूझकर गलत सूचना देने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के तहत जानबूझकर असत्य कथन या गलत घोषणा करने पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को एक वर्ष तक के कारावास, जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।उन्होंने बताया कि फार्म-7 में आवेदक को यह घोषणा करनी होती है कि उसके द्वारा दी गई जानकारी उसकी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य है। इसलिए आवेदन करते समय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से न हटाया जा सके।डीएम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के नवीनतम निर्देशों के अनुसार दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की निर्धारित अवधि में एक व्यक्ति अधिकतम 10 फार्म-7 आवेदन कर सकता है। वहीं निरंतर पुनरीक्षण की अवधि में एक माह के दौरान अधिकतम पांच आवेदन ही प्रस्तुत किए जा सकते हैं।उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए आवेदन करते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की गलत जानकारी देने से बचें।