"स्वस्थ संवाद" पर 18 संगठनों ने मिलकर स्वस्थ कानपुर का लिया संकल्प
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, कानपुर शाखा द्वारा आज "स्वस्थ संवाद" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अमित सिंह गौर, अध्यक्ष एवं संचालन डॉ. दीपक श्रीवास्तव, मानद सचिव ने किया। इस कार्यक्रम में शहर के 18 प्रमुख संगठन — आईआईए, फिटा, फिक्की, वाईआई, रेड क्रॉस, रोटरी, कानपुर प्लॉगर्स, युग दधीचि, नेत्रदान, देह दान, रक्तदान, परिवर्तन, जेसीआई, राउंड टेबल, थोक दवा व्यापार मंडल, सेवा भारती, भावना सोसाइटी फॉर डिसेबल्ड, मधु रागिनी एनजीओ एवं आईएमए कानपुर ने भाग लिया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी 18 संगठन मिलकर कानपुर में निम्न विषयों पर कार्य करेंगे:1. Public Health: आईएमए के सरकारी एवं निजी दोनों क्षेत्रों में कार्यरत डॉक्टरों के सहयोग से कानपुर की हेल्थकेयर डिलीवरी सिस्टम को सुदृढ़ करना।2. Awareness Campaigns: रोगों की रोकथाम, स्वच्छता, झोलाछाप से बचाव, सही हॉस्पिटल का चुनाव, आदि के प्रति बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता अभियान।3. Medical Camps: बस्तियों, स्कूलों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में आईएमए के सरकारी एवं प्राइवेट डॉक्टरों द्वारा नियमित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर।4. Mental Health: मानसिक स्वास्थ्य पर काउंसलिंग एवं जागरूकता कार्यक्रम।5. Elder Care: वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच एवं देखभाल।6. Childhood Disabilities: बच्चों में दिव्यांगता एवं विकास संबंधी समस्याओं की शीघ्र पहचान एवं पुनर्वास, भावना सोसाइटी के सहयोग से।7. नेत्रदान, देह दान एवं रक्तदान: युग दधीचि एवं अन्य सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर नेत्रदान, देह दान एवं रक्तदान को बढ़ावा देने हेतु विशेष अभियान चलाया जाएगा। डॉ. अमित सिंह गौर, अध्यक्ष आईएमए कानपुर ने कहा, "सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में कार्यरत हमारे डॉक्टरों की ताकत से, हम नेत्रदान, देह दान और रक्तदान जैसे पुनीत कार्यों को जन-जन तक ले जाएंगे। पब्लिक हेल्थ से लेकर मेंटल हेल्थ, एल्डर केयर और चाइल्डहुड डिसेबिलिटी तक हम हर क्षेत्र में काम करेंगे।"डॉ. दीपक श्रीवास्तव, सचिव आईएमए कानपुर ने कहा, "स्वस्थ एवं समृद्ध कानपुर की परिकल्पना के साथ आज इस स्वस्थ संवाद कार्यक्रम के माध्यम से सभी सामाजिक संगठन एकजुट हुए हैं। सभी मिलकर कानपुर नगर और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य क्रांति लेकर आएंगे।
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