हाईकोर्ट से इरफ़ान की याचिका खारिज
- ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्रवाई रद्द नहीं होगी
-जमानत मिलने के बाद भी कोर्ट ने मुकदमे की प्रक्रिया को जारी रखा
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। सीसामऊ सीट से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनके द्वारा गैंगस्टर मामले में कानपुर ट्रायल कोर्ट में चल रही संपूर्ण आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 जनवरी 2026 को याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट ने कानपुर के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट में चल रहे मुकदमे को रद्द करने से इंकार किया। इरफान सोलंकी ने 30 अगस्त 2025 के कानपुर कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका में राज्य सरकार और पूर्व इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे को प्रतिवादी बनाया गया था। 25 सितंबर 2025 को हाईकोर्ट ने इरफ़ान सोलंकी को जमानत दी थी। उनके भाई रिज़वान सोलंकी और सह अभियुक्त इजराइल आटेवाला को भी जमानत मिली थी। जमानत मिलने के बाद इरफ़ान सोलंकी जेल से बाहर आ चुके हैं। इरफ़ान सोलंकी के खिलाफ 26 दिसंबर 2022 को कानपुर के जाजमऊ थाने में गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत एफआईआर दर्ज हुई। एफआईआर में उन्हें गैंग लीडर बताया गया। आरोप था कि इरफान सोलंकी गैंग बना कर आम जनता को डराते थे और अपने गैंग के सहयोग से धन और संपत्ति अर्जित करते थे। उनके खिलाफ दो दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। एफआईआर तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे द्वारा दर्ज कराई गई थी। इरफ़ान सोलंकी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान उल्लाह, विनीत विक्रम और मोहित सिंह ने पैरवी की। सरकार की तरफ से एडिशनल एडवोकेट जनरल मनीष गोयल और रूपक चौबे ने दलीलें पेश की।जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने याचिका खारिज करते हुए फैसला सुनाया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब कानपुर ट्रायल कोर्ट में चल रही आपराधिक कार्यवाही यथावत जारी रहेगी। इरफान सोलंकी को गैंगस्टर मामले में कोई राहत नहीं मिली है।