पर्सनल लॉ बोर्ड मुसलमानों को गुमराह कर रहा; नीतियों की आलोचना: सूफी मजीदी
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। सूफी खानकाह एसोसिएशन ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की वक्फ संशोधन विधेयक पर की गई टिप्पणी का विरोध किया। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूफी मोहम्मद कौसर हसन मजीदी ने मुस्लिम समाज को एक खुला पत्र लिखकर पर्सनल लॉ बोर्ड की नीतियों की आलोचना की है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पर्सनल लॉ बोर्ड मुसलमानों को गुमराह कर रहा है और उन्हें मुख्यधारा से दूर कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड जिन्ना की विचारधारा पर विभाजन की राजनीति कर रहा है और मुस्लिम समाज को नुकसान पहुंचा रहा है। एसोसिएशन ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे पर्सनल लॉ बोर्ड की नीतियों से सावधान रहें और अपने अधिकारों के लिए एकजुट हों। उन्होंने कहा, वक्फ बोर्ड में बैठे वहाबी देवबंदी सलाफी अहले हदीसों के द्वारा सूफियों की वक्फ जायदादों को उनके मुतवल्ली हटाकर इंतजामिया कमेटी या प्रशासक बनाकर सूफियों की जायदाद हड़पी जा रही है। बताया
करोड़ों रुपए की आमदनी के अवकाफ को महज चंद हजार रुपए लीज के नाम पर बेचकर करोड़ों गरीब मुसलमानों के हुकूक को छीन लिया गया। वक्फ बोर्डों में मुस्लिम लीगी जिन्नई तर्ज पर जागीरदाराना अंदाज में एक लाख रुपए से अधिक की आमदनी के अवकाफ को ही वोटिंग अधिकार प्राप्त है।