"वर्टिब्रल आर्टरी एन्यूरिज्म रूप्चर" से पीड़ित महिला को यूपीयूएमएस के डॉक्टर्स ने दिया नया जीवन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस सैफई (इटावा) ।उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉक्टर्स ने 55 वर्षीय महिला, जो गंभीर मानसिक अव्यवस्था (अल्टर्ड सेंसोरियम) की स्थिति में आपातकालीन कक्ष में लाई गई थी, जिसकी एंजियोग्राफी (CT Angiography) से पता चला कि महिला वर्टिब्रल आर्टरी एन्यूरिज्म से पीड़ित थी, जो एक अत्यंत गंभीर और संभावित रूप से घातक स्थिति होती है। न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. सजग गुप्ता के नेतृत्व में न्यूरोसर्जरी विभाग की कुशल टीम ने तुरंत सर्जरी कर महिला को नया जीवनदान प्रदान किया गया।
डॉ सजग ने बताया वर्टिब्रल आर्टरी एन्यूरिज्म एक बेहद गंभीर स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क की रक्त वाहिका में असामान्य सूजन आ जाती है। यदि यह फट जाए, तो घातक रक्तस्राव (ब्रेन हेमरेज) हो सकता है, जिससे मृत्यु का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। शोधों के अनुसार, एन्यूरिज्म के फटने पर मरीजों में 50% तक मृत्यु दर देखी जाती है, और जीवित बचने वालों में भी कई बार स्थायी न्यूरोलॉजिकल क्षति हो सकती है। ऐसे मामलों में त्वरित सर्जरी और विशेषज्ञ उपचार जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
ग्राम गोपालपुर (कानपुर देहात) की रहने वाली 55 वर्षीय महिला के पति हजारीलाल ने कहा कि सर्जरी होने के बाद मेरी पत्नी पहले से बहुत बेहतर है अगर में किसी प्राइवेट अस्पताल में जाता तो लाखों रुपए खर्च हो जाते हैं यहां पर सर्जरी का खर्च चार-पांच हजार ही हुआ और मरीज की अच्छे तरीके से देख-रेख भी की जा रही है।
डॉ सजग बताया कि इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक संपन्न करने में न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. सौरभ, डॉ. मधुसुदन, डॉ. अंशुल , डॉ. शाकिर इसके अतिरिक्त, एनेस्थीसिया टीम डॉ. मनोज (प्रोफेसर), डॉ. पी.के. मिश्रा (एसोसिएट प्रोफेसर), डॉ. अलंकृता ने की टीम ने सर्जरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सफल सर्जरी के लिए कुलपति प्रो.डॉ.पी.के. जैन ,प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) रमाकांत यादव, संकायध्यक्ष प्रो डॉ आदेश कुमार और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.पी. सिंह ने भी डॉक्टर्स की टीम को बधाई दी।