डॉक्टरों ने बुजुर्ग महिला की बच्चेदानी का सफल ऑपरेशन का दी नई जिंदगी
U- गांव के प्रधान और ग्रामीणों ने भी किया सराहनीय सहयोग
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के जच्चा बचा अस्पताल में एक बार डॉक्टरों की मानवता और संवेदनशीलता देखने को मिली। एक अंधी बेसहारा 64 वर्षीय वृद्ध महिला के बच्चेदानी के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर उसे नई जिंदगी दी। यूईएसएमएच अस्पताल में हाल ही में मानवता, करुणा और समर्पण का एक अत्यंत भावुक उदाहरण देखने को मिला।
जांच बच्चा अस्पताल की विभागाध्यक्ष डॉ रेनू गुप्ता ने बताया कि 64 साल की एक अंधी एवं बेसहारा वृद्ध महिला सुंदरा, जिसको बच्चेदानी का ट्यूमर था। ट्यूमर के कारण उसे बहुत अधिक खून आ रहा था और काफी खून की कमी भी हो गई थी। नेत्रहीन होने के कारण उन्हें अस्पताल तक पहुंचने में भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉ रेनू गुप्ता ने बताया कि डॉ पाविका लाल,डॉ करिश्मा शर्मा और उनकी टीम द्वारा इन का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। इस नेक कार्य में विशेष भूमिका निभाई डॉ. करिश्मा शर्मा ने निभाई जिन्होंने पूरी संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ इस वृद्ध महिला की जिम्मेदारी संभाली। महुआगांव के प्रधान द्वारा किए गए विशेष प्रयासों से महिला को अस्पताल तक लाया गया और उसकी सभी समस्याओं को दूर करने में सहयोग मिला। इलाज के दौरान महिला की देखभाल डॉक्टरों के साथ-साथ महुआगांव के लोगों ने भी अपने परिवार के सदस्य की तरह की। सफल सर्जरी के बाद महिला को संतोषजनक स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दी गई। इस सराहनीय कार्य पर विभागाध्यक्ष डॉ. रेणु गुप्ता ने डॉ पाविका लाल,डॉ. करिश्मा शर्मा एवं सभी रेज़िडेंट डॉक्टरों के प्रयासों की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह घटना चिकित्सा सेवा के उस मानवीय चेहरे को दर्शाती है, जहां डॉक्टर केवल इलाज ही नहीं, बल्कि उम्मीद और सहारा भी देते हैं। यह घटना समाज को यह संदेश देती है कि जब डॉक्टर, प्रशासन और समाज एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो असहाय और बेसहारा लोगों के जीवन में भी उजाला लाया जा सकता है।