अहिल्याबाई की मूर्ति टूटने पर कलेक्ट्रेट में नारेबाजी, सौंपा ज्ञापन, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। बनारस के मणिकर्णिका घाट पर महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा टूटने की घटना पर सोमवार को कलेक्ट्रेट में गूंजा। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग फेडरेशन और नगर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी की ओर से कलेक्ट्रेट के बाहर जमकर नारेबाजी की गई। नारेबाजी के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा।
नगर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला की अगुवाई में कांग्रेस के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। गेट पर जमकर नारेबाजी की गई। ज्ञापन में लिखा कि मणिकर्णिका घाट पर स्थित मंदिरों एवं उनमें स्थापित मूर्तियों को लोड कर मलबे में तब्दील कर दिया गया।
जिसमें माता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा भी शामिल है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और देश की मोदी सरकार ने इस गंभीर और करोड़ों हिन्दुओं की आस्था से संबंधित संवेदनशील प्रकरण पर धोर लापरवाही और निष्यिता बरती है। ज्ञापन में दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई। वहीं, दूसरी ओर अखिल भारतीय पिछड़ावर्ग फेडरेशन की ओर से महिला प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा अटल पाल के नेतृत्व में 50 से ज्यादा लोग कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचे। सबसे पहले जमकर नारेबाजी की गई। उसके बाद राष्ट्रपति व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसीएम को सौंपा गया। इन्होंने देश भर में महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमाओं को संरक्षित करने की मांग की।