स्वास्थ्य समीक्षा में ढिलाई पड़ी भारी, डीएम ने काटा वेतन
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर नगर।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आज देर सायं जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय (डीएचएस) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सभी एमओआईसी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े, लेकिन समीक्षा के दौरान चार एमओआईसी अपने तैनाती स्थल के बजाय अन्य स्थानों से बैठक में शामिल पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि शासनादेश के अनुसार प्रत्येक दशा में एमओआईसी का अपने तैनाती स्थल पर निवास अनिवार्य है। अपरिहार्य परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना तैनाती स्थल छोड़ना गंभीर अनुशासनहीनता है। जिलाधिकारी ने एमओआईसी भीतरगांव, चौबेपुर, कल्याणपुर और बिधनू का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी आभा आईडी, वेक्टर बॉर्न डिजीज और आरबीएसके सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति से संबंधित प्राथमिक जानकारी तक प्रस्तुत नहीं कर सके। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने बिना तैयारी के बैठक में आने पर सीएमओ से स्पष्टीकरण तलब किया।
आरबीएसके कार्यक्रम की समीक्षा में घाटमपुर क्षेत्र में लापरवाही सामने आने पर संबंधित एमओआईसी का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
जन आरोग्य समिति के कार्यों की समीक्षा में सामने आया कि कृष्णा नगर, जूही, ग्वालटोली, जागेश्वर, बेनाझाबर, अनवरगंज और रामबाग सहित कुल आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवंटित धनराशि का उपयोग नहीं किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने एनएचएम के नोडल अधिकारी डॉ कैलाश का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध वेइंग मशीन, इन्फैंटोमीटर और स्टेडियोमीटर बड़ी संख्या में खराब मिलने का मामला भी सामने आया। इनमें से कई उपकरण हाल ही में स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। जिलाधिकारी ने इस पर गहरी आपत्ति जताते हुए सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगने के साथ पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तलब की।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में अब तक 8 लाख 64 हजार 21 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। योजना के अंतर्गत 18 राजकीय और 178 निजी चिकित्सालय सूचीबद्ध हैं। जिलाधिकारी ने आयुष्मान कार्ड निर्माण अभियान में तेजी लाने के निर्देश देते हुए सभी पंचायत सचिवों की आईडी शीघ्र जेनरेट कराने को कहा।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में 14 हजार 597 टीबी रोगियों को पोषण पोटली उपलब्ध कराई जा रही है। टीबी उन्मूलन रैंकिंग में प्रदेश स्तर पर जनपद 12वें स्थान पर है।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ हरिदत्त नेमी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ यूबी सिंह, डॉ रमित रस्तोगी, डॉ सुबोध प्रकाश, जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार और जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति सिंहा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।