35 साल बाद खाकी के हत्थे चढ़ा 'पहलवानी रंजिश' का कातिल, सब्जीवाला बनकर काट रहा था फरारी!
U-चार दशक पुराना हिसाब चुकता
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। कर्नलगंज में युवक की हत्या कर 35 साल से पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। दो पहलवानों की रंजिश में युवक की जान लेने वाला आरोपी शौकत, जो पिछले 35 सालों से फरार चल रहा था, आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी को चकेरी के कोयला नगर से गिरफ्तार किया गया है।
- 1984 की रंजिश और फरारी
मामला वर्ष 1984 का है, जब कर्नलगंज इलाके में दो पहलवानों के गुटों के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ी थी। इसी रंजिश में गोंडा निवासी शौकत ने सुल्तान नाम के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिसके बाद उसे गोंडा जेल स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, वर्ष 1990 में जमानत मिलने के बाद शौकत भूमिगत हो गया और कभी वापस नहीं लौटा।पहचान बदलकर बेच रहा था सब्जी जांच में सामने आया कि शौकत (70) गोंडा में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था और वहां सब्जी का ठेला लगाकर अपना जीवन यापन कर रहा था। उसने पुलिस को चमनगंज का जो पता दिया था, वह फर्जी निकला। हाल ही में पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
- तकनीकी जांच से बिछाया जाल
डीसीपी ने बताया कि फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए दो टीमें सक्रिय थीं। सर्विलांस की मदद से आरोपी के परिजनों के चार मोबाइल नंबर ट्रैक किए गए। सोमवार को जब शौकत चकेरी में अपने एक रिश्तेदार से मिलने पहुंचा, तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे कोयला नगर से दबोच लिया।