बिठूर में नवजात की मौत पर बड़ा एक्शन
- राजा नर्सिंग होम का पंजीकरण निरस्त अस्पताल के डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज
-बिना अनुमति चल रहा था एनआईसीयू, 3 दिन में जवाब देने का नोटिस, एनआईसीयू यूनिट सील
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। बिदूर के ब्रह्मनगर स्थित राजा नर्सिंग होम में वार्मर मशीन में नवजात की जलकर मौत के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर हुई जांच में खुलासा हुआ कि अस्पताल में बिना अनुमति एनआईसीयू संचालित किया जा रहा था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी की रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल पंजीकृत था, लेकिन पंजीकरण के समय एनआईसीयू की अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बावजूद परिसर में एनआईसीयू चल रहा था। निरीक्षण में अग्निशमन यंत्रों की अवधि समाप्त पाई गई। अनधिकृत एनआईसीयू यूनिट को मौके पर सील कर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान एक चिकित्सक डॉ. तपो ज्योति आचार्य, दो स्टाफ नर्स प्रदीप गोस्वामी और तनू गौतम तथा एक वार्डब्वॉय अजय उपस्थित मिले।
गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए राजा नर्सिंग होम (पंजीकरण संख्या क्रस्श्वश्व 2122829) का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। अस्पताल को पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। संचालित पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी। प्रबंधन को तीन कार्यदिवस में स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया गया है। साथ ही बिठूर थाना में मृतक नवजात के परिजनों की तहरीर पर राजा नर्सिंग होम के चिकित्सकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जनपद के सभी अस्पतालों में जीवनरक्षक उपकरणों की अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट कराई जाएगी और बिना अनुमति संचालित स्वास्थ्य इकाइयों पर अभियान चलाकर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।