स्कूली वाहनों के विरुद्ध चलाया गया विशेष अभियान
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। संभागीय परिवहन अधिकारी राकेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में स्कूली वाहनों का डाटा तैयार किया गया। आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने बताया,समस्त स्कूली वाहनों व स्कूलों को पोर्टल से जोड़ा गया है जिसका नाम UPISUNT पोर्टल है।
आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि अब सब कुछ ऑन बोर्ड होगा। वही संभागीय परिवहन अधिकारी राकेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा स्कूली वाहनों के लिए UPISUNT पोर्टल विकसित किया गया है। जिसमें सारे स्कूली वाहनों का डाटा होगा। इस पोर्टल से समस्त स्कूली वाहनों व स्कूलों को जोड़ा गया है।
अब स्कूल व परिवहन विभाग बैठे बैठे लॉग इन कर के सारी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे इसके साथ ही ये भी पता चलता रहेगा, वाहनों के प्रपत्र पूरे हैं की नही। फिटनेस है कि नही। इस बावत स्कूलों से शपथ पत्र भी लिया गया है कि वे केवल पूर्ण प्रपत्र व फिटनेस सर्टिफाइड वाहन ही उपयोग में लायेंगे।
- ऑनबोर्ड स्कूलों का डेटा
संभागीय परिवहन अधिकारी राकेंद्र कुमार के निर्देशन में कानपुर नगर में अब तक 5188 व औरैया में 2357 स्कूलों को ऑनबोर्ड किया जा चुका है। साथ ही कानपुर नगर में 1064 व औरैया में 400 स्कूली वाहनों को ऑनबोर्ड कर दिया गया है। जिसमें कानपुर नगर में 924 व औरैया में 364 वाहनों का निरीक्षण किया गया। वही आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव के निर्देशन में कानपुर देहात में 2830, फरुखाबाद में 2933 व कन्नौज में 2673 स्कूलों को ऑनबोर्ड किया जा चुका है।
-आरटीओ प्रवर्तन ने तीन जनपदो की संभाली कमान
आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव के निर्देशन में कानपुर देहात, फरुखाबाद व कन्नौज में सराहनीय कार्य हुआ। उनके नेतृत्व में कानपुर देहात में 508, फरुखाबाद में 363 व कन्नौज में 605 स्कूली वाहनों को ऑनबोर्ड किया गया है। जिसमें कानपुर देहात में 496, फरुखाबाद में 332 व कन्नौज में 531 स्कूली वाहनों का निरीक्षण किया गया। झांसी एआरटीओ के नेतृत्व में इटावा में 2953 स्कूलों को ऑनबोर्ड किया गया। 645 स्कूली वाहनों को भी ऑनबोर्ड किया जा चुका है। साथ ही 627 स्कूली वाहनों का निरीक्षण भी किया गया है। अब तक कुल 19135 स्कूलों को ऑनबोर्ड किया जा चुका है। 3585 स्कूली वाहनों को ऑनबोर्ड कर दिया गया है। तथा 3274 स्कूली वाहनों का निरीक्षण भी किया जा चुका है। उन्होंने कहा है कि जो स्कूल लापरवाही बरत रहे हैं। उनके खिलाफ कार्यवाही की जा रही है।