किसान फसल अवशेष को जलाने से करें परहेज़ उसे जुताई के जरिए मिट्टी में मिला दें |
जिला संवाददाता सुनील कुमार धुरिया
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस हमीरपुर। उप कृषि निदेशक,हमीरपुर द्वारा जनपद के समस्त किसानों को सूचित किया गया है कि फसल अवशेष एवं घास-फूस को जलाने के बजाय खेत की गहरी जुताई कर उसे मिट्टी में ही मिला दें। फसल अवशेष मिट्टी में कार्बनिक तत्वों की वृद्धि करते हैं, जिससे मृदा की उर्वरता बढ़ती है तथा लाभकारी सूक्ष्म जीवों की संख्या में वृद्धि होती है। इसके परिणाम स्वरूप फसल उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है और लागत में भी कमी आती है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलाना पर्यावरण के लिए हानिकारक है तथा यह राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के निर्देशों का उल्लंघन है। भारत सरकार के राजपत्र दिनांक 06 नवम्बर 2024 के अनुसार फसल अवशेष जलाने पर निम्नानुसार पर्यावरण क्षतिपूर्ति (जुर्माना) निर्धारित है—
02 एकड़ से कम क्षेत्र: ₹5,000 प्रति घटना
02 से 05 एकड़ क्षेत्र: ₹10,000 प्रति घटना
05 एकड़ से अधिक क्षेत्र: ₹30,000 प्रति घटना अतः सभी किसान भाइयों सेअपील की जाती है कि वे फसल अवशेष न जलाएं और न ही किसी अन्य को ऐसा करने दें। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की गतिविधि करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्धनियमानुसार दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।