हाइवे सुरक्षा के लिए टास्क फोर्स का होगा गठन
- हाइवे अतिक्रमण पर चलेगा जोरदार अभियान
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क हादसों को कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना पर चर्चा हुई। डीएम ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे हुए अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर अभियान चलाते हुए हटाया जाए और सड़क सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जनपद स्तर पर जिला हाईवे सुरक्षा टास्क फोर्स के गठन की जानकारी दी गई। इस टास्क फोर्स के माध्यम से हाईवे किनारे अतिक्रमण चिन्हित कर हटाए जाएंगे और भूमि उपयोग नियंत्रण की नियमित समीक्षा होगी। डीएम ने कहा कि टास्क फोर्स की कार्यवाही की समीक्षा प्रत्येक माह में दो बार उनकी अध्यक्षता में की जाएगी। कहा कि इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और अनियोजित पार्किंग पर नियंत्रण होगा। सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में ‘राहवीर (गुड सेमेरिटन) योजना’ की जानकारी देते हुए बताया गया कि सड़क दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे यानी गोल्डन ऑवर में घायल को चिन्हित अस्पताल में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है। उपचार का पूरा खर्च शासन द्वारा वहन किया जाता है। जनपद में 137 अस्पतालों का सत्यापन किया जा रहा है, जहां यह सुविधा उपलब्ध होगी। घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को किसी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया में नहीं उलझाया जाएगा और वह अपनी पहचान गोपनीय भी रख सकता है। जिलाधिकारी ने क्रैश प्रोन स्थलों की समीक्षा में पाया कि सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा जनपद में 264 दुर्घटना संभावित स्थान चिन्हित किए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और सिंचाई विभाग के क्षेत्र शामिल हैं। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग ने अवगत कराया कि । राष्ट्रीय मार्ग खंड के पांच में से चार स्थलों पर कार्य पूर्ण है और एक पर कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।नगर निगम के 10 चिन्हित स्थलों पर आवश्यक अनुमोदन प्राप्त हो चुका है और शीघ्र ही सुधार कार्य शुरू किए जाएंगे। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ शेष क्रैश प्रोन स्थलों पर कार्य शीघ्र पूर्ण करें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।