20 हजार की उधारी चुकाने में गढ़ी अपरहण की झूठी कहानी, साथी सहित गिरफ्तार
- मां से मांगी एक लाख की फिरौती, दर्ज कराई प्राथमिकी
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। जाजमऊ थाना क्षेत्र में एक युवक ने अपने अपहरण की झूठी सूचना पुलिस को दी। पुलिस की जांच में यह कहानी झूठी पाई गई। जांच के दौरान, पुलिस को युवक के बयानों में विरोधाभास मिला और जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि अपहरण की कहानी मनगढ़ंत थी। युवक ने किसी अज्ञात कारणवश यह झूठी सूचना फैलाई थी।
झूठी सूचना देने और पुलिस का समय बर्बाद करने के आरोप में युवक और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह के अनुसार जाजमऊ के मनोहर नगर की रहने वाला फैज किराए पर टैक्सी चलाता है।उसकी मां सकीना ने बीती 26 अप्रैल को गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सकीना ने पुलिस को जानकारी दी थी, कि उनके बेटे को अपहरण करके गाजियाबाद में रखा गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो टीम गाजियाबाद भेजी। वहां से कॉल डिटेल के माध्यम से टीम उसके मौसेरे भाई फ़रमान उर्फ कस्सू (20) को गाजियाबाद से हिरासत में लेकर कानपुर ले आए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बुधवार को दोनों आरोपी को जेल भेज दिया। एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने बताया कि आरोपी फैज ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने कार मालिक से 20 हजार रुपए उधार लिए थे। वह चुका नहीं पा रहा था, जिसके चलते उसने अपनी अपहरण की झूठी कहानी रची। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि, जब गाजियाबाद पुलिस ने दबिश दी तो आरोपी पुलिस के पहुंचने से पहले भाग निकला था। इसके बाद आरोपी पुलिस के डर के चलते अपनी मौसी के घर थाना रेलबाजार में रुका था। पुलिस के अनुसार आरोपी फैज की इस कहानी में उसके रिश्तेदार फरमान ने सहयोग दिया था। फरमान ने आरोपी को अपने घर में रोका था और दोनों ने वहीं से अपहरण की कहानी रची थी।