अब एक ही दवा से डायबिटीज और मोटापे का होगा इलाज
- कानपुर मेडिकल कॉलेज को शोध में मिली बड़ी सफलता
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर | जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में डायबिटीज और मोटापे के मरीजों पर ‘सेमाग्लूटाइड’ दवा का सफल परीक्षण किया गया है. इस दवा से मरीजों का वजन 15 से 20% तक कम हुआ और ब्लड शुगर लेवल में भी सुधार देखने को मिला. विशेषज्ञ इसे हेल्थ इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव मान रहे हैं।दरअसल, कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज ने एक ऐसी दवा का सफल परीक्षण किया है, जो न केवल शुगर लेवल को नियंत्रित करती है बल्कि बढ़ते वजन को भी तेजी से घटाने में सक्षम है। इस दवा का नाम ‘सेमाग्लूटाइड’ है और इसे लेकर देश भर में कुल 17 सेंटर बनाए गए थे, जिनमें कानपुर का नाम भी प्रमुखता से शामिल था। यहाँ किए गए शोध के परिणाम इतने सकारात्मक रहे हैं कि विशेषज्ञ इसे चिकित्सा जगत में एक बड़ी क्रांति मान रहे हैं। कानपुर मेडिकल कॉलेज में करीब 313 मरीजों पर इस दवा का ट्रायल किया गया था, जिसमें बेहद पॉजिटिव डेटा सामने आया है। रिसर्च के दौरान देखा गया कि जिन मरीजों को यह दवा दी गई, उनके वजन में 15 से 20 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई. वजन घटाने के साथ-साथ इन मरीजों के ब्लड शुगर लेवल में भी अभूतपूर्व सुधार देखने को मिला. सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस दवा के इस्तेमाल के बाद मरीजों की अन्य दवाइयों और रोजाना लगने वाले इंसुलिन पर निर्भरता काफी कम हो गई है। यह उन लोगों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है जो सालों से सुई चुभने वाले दर्द और दवाइयों के भारी बोझ को सह रहे थे।