यूपीआईएमआरएएस किया गया लांच, सभी सरकारी एवं निजी मेडिकल कालेज को रजिस्टर करना होगा अनिवार्य
हिंदुस्तान न्यूज़ एक्सप्रेस कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी प्रामोट फार्मा कांउसिल के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुये यूपीआईएमआरएएस (उत्तर प्रदेश इंट्रीगेटेड मेडिकल रिसर्च एप्लीकेशन सिस्टम) लांच किया है,जिसमे सभी सरकारी एवं प्राईवेट मेडिकल कालेज को रजिस्टर करना अनिवार्य होगा। इस बावत बुधवार को एच.जी. खुराना ऑडीटोरियम एसजीपीजीआई लखनऊ में एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप में मुख्य अतिथि के रूप में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ अग्रिम घोष,निदेशक पीजीआई डा० धमिन, डा० जी०एन० सिंह सीईओ यूपी प्रामोट श्रीमती कृतिका उपस्थित रहीं।
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. डॉ संजय काला ने बताया कि इसका उद्देश्य पोर्टल पर प्राचार्य इंवेस्टिगेटर जिसमें जीएसवीएम मेडिकल कालेज के 171 डाक्टर शामिल है। उनको अपना प्रोफाइल और जो रिसर्च कार्य एथिकल कमेटी इत्यादि किये जा रहे हैं, उनको अपलोड करना है। साथ ही संस्थागत एथिकल कमेटी के डिटेल भी अपलोड करने हैं। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समस्त प्रदेश के मेडिकल कालेजों को एक प्लेटफार्म पर ला कर समय-समय पर विभिन्न रिसर्च हेतु सरकार द्वारा बनाई गयी गाइड लाइन के तहत (सिस्टमैटिक ऑपरेटिव प्रोटोकॉल) डेवलप करना है ताकि सारे प्रदेश के मेडिकल कालेज एक विशेष प्रकार की रिसर्च कर सके एवं प्रदेश में विभिन्न नई दवाईयों एवं उपकरणों एवं तकनीकी से सम्बन्धित शोध को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने बताया कि यह भी देखा जायेगा कि विभिन्न मेडिकल कालेजों की वर्षवार प्रगति रिसर्च एवं इंडेक्स जरनल में पब्लिकेशन की प्रगति क्या है, छात्र-छात्राओं के शोध की गुणवत्ता एवं स्थिति क्या है एवं यह पोर्टल समस्त देश-विदेश की विभिन्न कम्पनियों जो प्रिंसिपल इंवेस्टिगेशन करना चाहती हैं उनके लिये भी बहुत बड़ी सुविधा होगी जो रिसर्च एवं मेडिकल कालेज अथवा हॉस्पिटल को अपनी इच्छा अनुसार चुन सकती है। इस पोर्टल का उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा अगले कुछ सप्ताह में किया जायेगा। कार्यशाला में इसके साफ्टवेयर एवं एसओपीएस का प्रजेटेंशन इसके इस्तेमाल हेतु विभिन्न मेडिकल कालेजों के प्रधानाचार्य एवं एथिकल कमेटी के सदस्यों को डॉ शारिक नईम (एएमयू) डॉ प्रियदर्शी (बत्रा हॉस्पिटल) डॉ अशीष इंदानी के द्वारा ट्रेन किया गया। सबसे बड़ी बात है कि साफ्टवेयर मे एआई चैट बॉट भी है, जिसके द्वारा प्रिंसीपल इंवेस्टिगेशन या एथिकल कमेटी केे प्रश्नों का उत्तर एवं रिसर्च से सम्बन्धित प्रोटोकॉल इत्यादि हेतु एआई द्वारा सजेशन भी लिये जाते हैं।